भारत में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर बैरियरलेस टोल सिस्टम लागू किया जा रहा है, जहां कैमरे और सेंसर FASTag व नंबर प्लेट स्कैन करके टोल काटते हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, मई से जुलाई के बीच 10.52 लाख गाड़ियों को ई-नोटिस भेजे गए। समय पर भुगतान नहीं करने पर टोल राशि दोगुनी हो सकती है।
बैरियरलेस टोल पर बढ़ी निगरानी
भारत में सभी नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर बैरियरलेस टोल सिस्टम लगाया जा रहा है। इस व्यवस्था में कैमरे और सेंसर अपने आप वाहन का FASTag और नंबर प्लेट स्कैन करके टोल काट लेते हैं। ऐसे में टोल प्लाजा पर लंबी लाइन में लगने या गाड़ी रोकने की जरूरत नहीं पड़ती।
हालांकि, हाईवे अथॉरिटी की हालिया रिपोर्ट में सामने आया है कि हर 10 में से एक गाड़ी बिना मान्य FASTag या बिना पर्याप्त बैलेंस के टोल प्वाइंट से गुजर रही है। दिल्ली के मुंडका, गुजरात के चोरयासी, हरियाणा के घरौंडा और राजस्थान के दौलतपुरा व मनोहरपुरा टोल प्लाजा के आंकड़ों के अनुसार, मई से जुलाई के बीच करीब 1.10 करोड़ गाड़ियों में से 10.52 लाख गाड़ियों को ई-नोटिस भेजे गए।
72 घंटे में भुगतान नहीं किया तो दोगुनी रकम
यदि FASTag में बैलेंस कम है या टैग काम नहीं कर रहा है, तो सिस्टम वाहन का चालान काटकर ई-नोटिस जारी करता है। यह नोटिस वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। ई-नोटिस मिलने के बाद सामान्य टोल टैक्स का भुगतान करने के लिए 72 घंटे यानी तीन दिन का समय दिया जाता है। समयसीमा के भीतर ऑनलाइन भुगतान नहीं करने पर रकम दोगुनी हो जाती है।
निजी कारों को सबसे ज्यादा ई-नोटिस
मई से जुलाई के बीच जारी 10.52 लाख ई-नोटिस में 91 प्रतिशत से अधिक यानी 9.62 लाख नोटिस निजी कारों को भेजे गए। ट्रकों और बसों जैसी भारी गाड़ियों की हिस्सेदारी करीब 3.5 प्रतिशत रही। दिल्ली के मुंडका टोल प्लाजा पर सबसे ज्यादा 4.54 लाख ई-नोटिस जारी हुए।
बकाया नोटिस से रुक सकते हैं वाहन संबंधी काम
बकाया ई-नोटिस का भुगतान नहीं करने पर वाहन के मालिकाना हक के हस्तांतरण, रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने या फिटनेस सर्टिफिकेट लेने जैसे कामों में एनओसी जारी नहीं किया जाएगा। बकाया टोल जुर्माना भरने तक वाहन पोर्टल पर वाहन से जुड़े काम रोके जा सकते हैं।
10 जरूरी बातें एक नजर में
- बैरियरलेस टोल सिस्टम में वाहन रोकने की जरूरत नहीं है।
- कैमरे और सेंसर FASTag व नंबर प्लेट स्कैन करते हैं।
- मई से जुलाई के बीच 10.52 लाख ई-नोटिस भेजे गए।
- करीब 1.10 करोड़ गाड़ियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
- ई-नोटिस मिलने पर 72 घंटे में भुगतान करना होता है।
- समय पर भुगतान नहीं करने पर रकम दोगुनी हो जाती है।
- 9.62 लाख ई-नोटिस निजी कारों को भेजे गए।
- मुंडका टोल प्लाजा पर 4.54 लाख ई-नोटिस जारी हुए।
- बकाया नोटिस होने पर वाहन संबंधी सरकारी काम रुक सकते हैं।
- यात्रा से पहले FASTag में पर्याप्त बैलेंस और सही फिटिंग सुनिश्चित करें।
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