डेटिंग ऐप का प्यार कहीं ठगी तो नहीं? जाने कैसे होता है रोमांस स्कैम जी, हां डेटिंग ऐप पर शुरू हुई दोस्ती कब रोमांस स्कैम में बदल जाए, इसका पता लगाना आसान नहीं होता। फर्जी प्रोफाइल, भावनात्मक भरोसा, निवेश का लालच, महंगे कैफे बिल और ब्लैकमेल के जरिए ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं।
कैसे काम करते हैं डेटिंग ऐप के ठग?
रोमांस स्कैम में ठग फर्जी तस्वीरों और पहचान के साथ प्रोफाइल बनाते हैं। वे खुद को डॉक्टर, इंजीनियर, बिजनेसमैन, फिल्म प्रोड्यूसर या NRI बताते हैं। मैकफी के सर्वे के मुताबिक, 75% भारतीयों ने डेटिंग ऐप्स या सोशल मीडिया पर AI से बनी फेक प्रोफाइल या तस्वीरें देखी हैं। 46% लोगों को AI बॉट या फेक प्रोफाइल से बातचीत का पता चला, जबकि 33% कैटफिशिंग के शिकार हुए।
दिल्ली पुलिस ने आनंद कुमार को गिरफ्तार किया, जिसने 500 से ज्यादा महिलाओं से करीब 2 करोड़ रुपए की ठगी की। बेंगलुरु के जगदीश सी से मेघना रेड्डी ने भावनात्मक भरोसा जीतकर अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार में निवेश कराया और 1.29 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिए।
फरीदाबाद के एक डॉक्टर से अप्रैल से जून 2025 के बीच 4 करोड़ 43 लाख 68 हजार 974 रुपए निवेश के नाम पर ठगे गए। मुंबई के 52 वर्षीय बिजनेसमैन से शादी का झांसा देकर 53 लाख रुपए की ठगी हुई।
कैफे बिल से लेकर सेक्सटॉर्शन तक
कोलकाता के रानीकुठी में Bumble से मिली लड़की ने युवक को ‘कपल कैफे जोन’ बुलाया। दो कॉफी और एक हुक्के का बिल 8,500 रुपए आया। दिल्ली के कड़कड़डूमा में Tinder डेट से 50,000 रुपए का बिल भरवाया गया। बेंगलुरु में भी Bumble से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया। ठग अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल और सेक्सटॉर्शन भी करते हैं।
शिकायत से क्यों बचते हैं पीड़ित?
शर्म, बदनामी, परिवार और प्रोफेशनल इमेज का डर, पुलिस-कानूनी प्रक्रिया की चिंता, पैसे वापस पाने की हताशा और सही शिकायत प्रक्रिया की जानकारी न होना पीड़ितों को चुप कराता है। इससे सबूत मिट सकते हैं और पैसे की वसूली मुश्किल हो सकती है।
फ्रॉड हो जाए तो तुरंत क्या करें?
National Cyber Crime Reporting Portal cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं, बैंक को तुरंत सूचित करें और स्क्रीनशॉट, चैट, कॉल रिकॉर्डिंग व ट्रांजेक्शन डिटेल सुरक्षित रखें।
10 जरूरी बातें
- फर्जी प्रोफाइल रोमांस स्कैम का आम तरीका है।
- ठग पहले भरोसा और भावनात्मक संबंध बनाते हैं।
- क्रिप्टो, शेयर और फॉरेक्स निवेश का झांसा दिया जाता है।
- फर्जी वेबसाइट और ऐप पर मुनाफा दिखाया जा सकता है।
- कैफे या रेस्टोरेंट में भारी बिल का फ्रॉड हो सकता है।
- अश्लील वीडियो के जरिए सेक्सटॉर्शन किया जाता है।
- 25 से 34 साल के युवा सबसे ज्यादा झांसे में फंसते हैं।
- 61% पीड़ित 18-35 और 39% 35-65 साल के बताए गए हैं।
- शिकायत में देरी से सबूत और पैसे की वसूली प्रभावित हो सकती है।
- फ्रॉड होने पर तुरंत बैंक, पुलिस और साइबर क्राइम पोर्टल से संपर्क करें।
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