कई लोग यह मान लेते हैं कि यदि उनकी सालाना आय टैक्स छूट सीमा से कम है तो उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, आयकर कानून में कुछ ऐसे प्रावधान हैं, जिनके तहत टैक्स देनदारी नहीं होने के बावजूद भी ITR फाइल करना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है।
वित्त वर्ष 2025-26 (FY 2025-26) के लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था में बेसिक टैक्स छूट सीमा 2.5 लाख रुपये और नई टैक्स व्यवस्था में 4 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके बावजूद कुछ विशेष परिस्थितियों में प्रत्येक पात्र व्यक्ति को ITR दाखिल करना ही होगा।
1. एक लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल
यदि किसी वित्त वर्ष के दौरान आपने अपने घर या कार्यालय के बिजली बिल पर कुल 1 लाख रुपये या उससे अधिक का भुगतान किया है, तो आपको आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा।
2. विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये या उससे अधिक खर्च
यदि आपने अपने या परिवार के किसी सदस्य की विदेश यात्रा पर एक वित्त वर्ष में 2 लाख रुपये या उससे अधिक खर्च किए हैं, तो आपको ITR फाइल करना होगा, चाहे आपकी आय पर टैक्स बनता हो या नहीं।
3. सेविंग्स अकाउंट में 50 लाख रुपये या उससे अधिक जमा
अगर किसी वित्त वर्ष के दौरान आपके एक या एक से अधिक बचत खातों (Savings Account) में कुल जमा राशि 50 लाख रुपये या उससे अधिक है, तो आयकर रिटर्न दाखिल करना आवश्यक हो जाता है।
4. करंट अकाउंट में 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक जमा
यदि किसी व्यक्ति ने एक या अधिक करंट अकाउंट में मिलाकर 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक जमा किए हैं, तो उसके लिए ITR दाखिल करना अनिवार्य होगा।
5. TDS या TCS निर्धारित सीमा से अधिक कटना
यदि पूरे वर्ष के दौरान आपकी सैलरी, फिक्स्ड डिपॉजिट या अन्य लेनदेन पर 25,000 रुपये या उससे अधिक का TDS/TCS कटा है, तो ITR फाइल करना जरूरी है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 50,000 रुपये निर्धारित है।
6. आय बेसिक टैक्स छूट सीमा से अधिक होना
जिन करदाताओं की कुल वार्षिक आय लागू बेसिक टैक्स छूट सीमा से अधिक है, उन्हें अनिवार्य रूप से ITR दाखिल करना होगा। FY 2025-26 में पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत यह सीमा 2.5 लाख रुपये तथा नई टैक्स व्यवस्था के तहत 4 लाख रुपये है।
7. बिजनेस या कैपिटल लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करना
यदि शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी या संपत्ति की बिक्री में आपको नुकसान हुआ है और आप भविष्य के मुनाफे के साथ इस घाटे का सेट-ऑफ करने के लिए उसे कैरी फॉरवर्ड करना चाहते हैं, तो इसके लिए ITR दाखिल करना आवश्यक होगा।
8. विदेश में संपत्ति, बैंक खाता या शेयर होना
यदि आप भारत के निवासी हैं और आपके नाम विदेश में कोई संपत्ति, बैंक अकाउंट या शेयर मौजूद हैं, तो आयकर नियमों के अनुसार ITR फाइल करना अनिवार्य है।
9. प्रोफेशनल ग्रॉस रिसीट्स 10 लाख रुपये से अधिक
यदि आप फ्रीलांसर, डॉक्टर, वकील, आईटी प्रोफेशनल या कंसल्टेंट हैं और आपकी प्रोफेशनल ग्रॉस रिसीट्स 10 लाख रुपये से अधिक हैं, तो आपको ITR दाखिल करना होगा।
10. बिजनेस टर्नओवर 60 लाख रुपये से अधिक
यदि आप किसी व्यवसाय से जुड़े हैं और आपका वार्षिक कारोबार (Turnover) 60 लाख रुपये से अधिक है, तो लाभ हो या न हो, आयकर रिटर्न दाखिल करना कानूनी रूप से आवश्यक होगा।
निष्कर्ष
सिर्फ टैक्स देनदारी न होने का मतलब यह नहीं है कि ITR फाइल करने की जिम्मेदारी भी समाप्त हो जाती है। आयकर अधिनियम में निर्धारित इन विशेष परिस्थितियों में रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। इसलिए यदि आप इनमें से किसी भी श्रेणी में आते हैं, तो समय पर ITR फाइल कर भविष्य की कानूनी और वित्तीय परेशानियों से बच सकते हैं।
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