आंध्र प्रदेश के तट पर पांच दिनों के भीतर दो गंभीर चक्रवातों का आना कोई तय पैटर्न नहीं, बल्कि संयोग है। हालांकि, इस साल अल नीनो की स्थिति, अक्टूबर-नवंबर में चक्रवातों का मौसम और समुद्र का लगातार बढ़ता तापमान ऐसी परिस्थितियां बना रहे हैं।
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा के मुताबिक, दो तूफानों का इतने कम अंतराल में आना रैंडम है। उन्होंने बताया कि अल नीनो वाले साल में अक्टूबर-नवंबर के दौरान ऐसे तूफान देखने को मिलते हैं। इनका देश के मौसम पर सीधा नहीं, बल्कि अप्रत्यक्ष असर पड़ता है।
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अर्नब के बाद मुरासु ने मचाई हलचल
28 अक्टूबर को अर्नब बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में आंध्र तट से टकराया था। उस समय हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक थी। इसके पांच दिन बाद, 3 नवंबर की सुबह मुरासु ने ओंगोल के पास तट पार किया। दोनों के लैंडफॉल स्थानों के बीच करीब 268 किलोमीटर की दूरी है।
अल नीनो और गर्म समुद्र का कनेक्शन
IMD के अनुसार, प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति नवंबर-दिसंबर तक बनी रह सकती है। जनवरी-मार्च 2027 तक इसके ताकतवर रहने का अनुमान है। WMO के आंकड़ों के मुताबिक, अल नीनो वाले क्षेत्र में समुद्र का तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक से बढ़कर अगस्त में 2.5 डिग्री अधिक हो गया। अक्टूबर-दिसंबर में इसके 3.7 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है।
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देश के मौसम पर क्या पड़ेगा असर?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अल नीनो तूफानों की दिशा और स्थान को प्रभावित करता है। वहीं, गर्म समुद्र, अधिक नमी और कम विंड शियर तूफानों को ताकत दे सकते हैं। मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) का फेज-3 भी अनुकूल परिस्थितियां बना रहा है।
मुरासु से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।
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नवंबर में कैसी रहेगी सर्दी?
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, नवंबर में देशभर में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। ज्यादातर हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। 11 नवंबर तक शीतलहर की संभावना नहीं है। वहीं, 1 से 28 अक्टूबर के बीच देश में सामान्य से 48 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई।
पांच दिनों में दो चक्रवात से जुड़ी 10 बड़ी बातें
- आंध्र प्रदेश के तट पर पांच दिनों के भीतर दो गंभीर चक्रवात आए।
- अर्नब ने 28 अक्टूबर को आंध्र तट पर दस्तक दी थी।
- अर्नब के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किमी प्रति घंटा थी।
- मुरासु ने 3 नवंबर की सुबह ओंगोल के पास तट पार किया।
- दोनों चक्रवातों के लैंडफॉल स्थानों के बीच करीब 268 किलोमीटर की दूरी थी।
- IMD के मुताबिक, इस साल अल नीनो की स्थिति बनी हुई है।
- गर्म समुद्र, अधिक नमी और कम विंड शियर तूफानों के लिए अनुकूल हैं।
- मुरासु से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी बारिश की चेतावनी है।
- IMD के अनुसार, नवंबर में देशभर में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
- अर्नब से आंध्र प्रदेश के 12 जिलों में शुरुआती नुकसान का अनुमान करीब 4,700 करोड़ रुपये है।
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