. हरिद्वार खबर संसारउर्मिला को मिली राहत तो बोली हमेशा सत्य की होती जीत जी हा पांच करोड़ की रंगदारी मामले में पुलिस ने उर्मिला सनावर को उसके घर से उठा लिया था और 14 दिन की न्यायिक हिरासत भी हासिल कर ली थी आपको बता दें ज्वालापुर के पूर्व भाजपा विधायकसुरेश राठौर की बेटी से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार अभिनेत्री उर्मिला सनावर को हरिद्वार की एसीजेएम अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने उर्मिला की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।हालांकि, परवाना और जमानती दस्तावेज समय पर जेल न पहुंचने के कारण उर्मिला को सोमवार की रात रोशनाबाद जिला कारागार में ही बितानी होगी। उनकी रिहाई अब मंगलवार को औपचारिकताएं पूरी होने के बाद संभव हो सकेगी।अदालत ने गैर-जमानती थारा पर जताई असहमतिअदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा लगाई गई धाराओं की प्रकृति को जमानत का मुख्य आधार बनाया। बचाव पक्ष की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने दलील दी कि लगाए गए अधिकांश आरोप जमानतीय हैं। अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह आर्य ने विरोध करते हुए कहा कि उर्मिला पर पहले से 10 मुकदमे दर्ज हैं और वह बाहर आकर इसका दुरुप्रयोग कर सकती है अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद टिप्पणी की कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) के तहत गंभीर अपराध प्रथम दृष्टया बनता हुआ प्रतीत नहीं होता। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपी एक महिला है और अपराध मृत्यु या उम्रकैद की श्रेणी का नहीं है, जिसके बाद 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो स्थानीय जमानतियों की शर्त पर रिहाई का आदेश दिया गया।पांच करोड़ की रंगदारी और संपत्ति का विवादयह कानूनी विवाद 25 अक्टूबर को तब शुरू हुआ जब पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पुत्री दीपिका राठौर ने रानीपुर कोतवाली में तहरीर दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उर्मिला ने सोशल मीडिया पर परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किए और व्हाट्सएप कॉल के जरिए रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम करने और पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी।मांग पूरी न होने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। इसके आधार पर पुलिस ने BNS की धारा 308(5), 308(7), 356(2), 356(3), 79 और स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। रानीपुर पुलिस ने उसी दिन उर्मिला को सहारनपुर स्थित आवास से गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।अंकिता भंडारी केस से जुड़े वीआईपी तारउर्मिला सनावर का नाम राज्य में पहली बार तब सुर्खियों में आया था जब उन्होंने खुद को पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताते हुए सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो सार्वजनिक किया था। इस ऑडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े बहुचर्चित ‘वीआईपी’ का जिक्र होने का दावा किया गया था, जिसके बाद पूरे उत्तराखंड में राजनीतिक भूचाल आ गया था। मामले के तूल पकड़ने पर सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई इस प्रकरण में वीआईपी एंगल की जांच कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी कुछ समय पहले उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक दोनों से पूछताछ भी कर चुकी है। फिलहाल मामला सुर्खियों में वना हुआ है को मिली ज़मानत तो बोली सत्य की होती जीत जी हा पांच करोड़ की रंगदारी मामले में पुलिस ने उर्मिला सनावर को उसके घर से उठा लिया था और 14 दिन की न्यायिक हिरासत भी हासिल कर ली थी आपको बता दें ज्वालापुर के पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार अभिनेत्री उर्मिला सनावर को हरिद्वार की एसीजेएम अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने उर्मिला की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
पढ़ें चर्चित खबरें
हालांकि, परवाना और जमानती दस्तावेज समय पर जेल न पहुंचने के कारण उर्मिला को सोमवार की रात रोशनाबाद जिला कारागार में ही बितानी होगी। उनकी रिहाई अब मंगलवार को औपचारिकताएं पूरी होने के बाद संभव हो सकेगी।अदालत ने गैर-जमानती थारा पर जताई असहमति
अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा लगाई गई धाराओं की प्रकृति को जमानत का मुख्य आधार बनाया। बचाव पक्ष की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने दलील दी कि लगाए गए अधिकांश आरोप जमानतीय हैं। अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह आर्य ने विरोध करते हुए कहा कि उर्मिला पर पहले से 10 मुकदमे दर्ज हैं और वह बाहर आकर इसका दुरुप्रयोग कर सकती है अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद टिप्पणी की कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) के तहत गंभीर अपराध प्रथम दृष्टया बनता हुआ प्रतीत नहीं होता। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपी एक महिला है और अपराध मृत्यु या उम्रकैद की श्रेणी का नहीं है, जिसके बाद 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो स्थानीय जमानतियों की शर्त पर रिहाई का आदेश दिया गया।
पढ़ें चर्चित खबरें
पांच करोड़ की रंगदारी और संपत्ति का विवाद
पढ़ें चर्चित खबरें
यह कानूनी विवाद 25 अक्टूबर को तब शुरू हुआ जब पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पुत्री दीपिका राठौर ने रानीपुर कोतवाली में तहरीर दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उर्मिला ने सोशल मीडिया पर परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किए और व्हाट्सएप कॉल के जरिए रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम करने और पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी।
पढ़ें चर्चित खबरें
मांग पूरी न होने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। इसके आधार पर पुलिस ने BNS की धारा 308(5), 308(7), 356(2), 356(3), 79 और स्त्री
पढ़ें चर्चित खबरें
अशिष्ट रूपण प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। रानीपुर पुलिस ने उसी दिन उर्मिला को सहारनपुर स्थित आवास से गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।
अंकिता भंडारी केस से जुड़े वीआईपी तार
उर्मिला सनावर का नाम राज्य में पहली बार तब सुर्खियों में आया था जब उन्होंने खुद को पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताते हुए सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो सार्वजनिक किया था। इस ऑडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े बहुचर्चित ‘वीआईपी’ का जिक्र होने का दावा किया गया था, जिसके बाद पूरे उत्तराखंड में राजनीतिक भूचाल आ गया था। मामले के तूल पकड़ने पर सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई इस प्रकरण में वीआईपी एंगल की जांच कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी कुछ समय पहले उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक दोनों से पूछताछ भी कर चुकी है। फिलहाल मामला सुर्खियों में वना हुआ है




































