अंकिता भंडारी मर्डर केस में भाजपा ने बड़ा फैसला लेते हुए आरोपितों के पार्टी से जुड़े रिश्तेदारों पर कार्रवाई है। पुलकित आर्य के पिता पिता विनोद आर्य और भाई अंकित आर्य को पार्टी से बाहर कर दिया है। इससे पहले आज सुबह चिल्ला नहर में अंकिता की लाश मिल गई।
आरोपियों ने पुलिस को भटकाने के लिए अंकिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिजन और लोगों में भारी गुस्सा है। बीती रात प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिसॉर्ट पर बुलडोजर चला दिया।
तीनों आरोपितों को पुलिस ने किया गिरफतार
इससे पहले उत्तराखंड में अंकिता भंडारी मर्डर केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी का नाम पुलकित आर्य है, जो भाजपा नेता का बेटा बताया जा रहा है। 19 साल की अंकिता भंडारी ऋषिकेश स्थित इसी के रिसॉर्ड में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, अंकिता भंडारी के लापता होने की सूचना 18 सितंबर को दी गई थी। जांच में पता चला है कि वह उस रात करीब 8 बजे रिजॉर्ट मैनेजर सौरभ भास्कर, पुलकित आर्य और एक अन्य आरोपी अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता के साथ ऋषिकेश गई थी। वापस आते समय तीनों चीला रोड के किनारे शराब पीने के लिए रुके। लड़की उनके ड्रिंक खत्म होने का इंतजार करती रही।
लड़की ने दी थी गलत कामों को सार्वजनिक करने की धमकी
कुछ देर बाद तीनों युवकों और लड़की के बीच झगड़ा शुरू हो गया। लड़की ने तीन लोगों पर पुलकित आर्य के मालिकाना हक वाले रिसॉर्ट में अवैध गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप लगाया। लड़की ने धमकी दी कि वह उनकी इन हरकतों को सार्वजनिक कर देगी।
गुस्से में आकर तीनों ने कथित तौर पर लड़की को नहर में धकेल दिया। पुलिस ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट को हत्या के मामले में बदल दिया गया है। उत्तराखंड की पौड़ी गढ़वाल पुलिस ने तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताच जारी है।
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