खबर संसार, मुंबई : महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवंद्र फडणवीस पर एनसीपी नेता नवाब मलिक ने गंभीर आरोप लगाते हुए आज बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि 2016 में नोटबंदी के एक साल तक महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने जाली नोटों का कारोबार करने वालों को लगातार संरक्षण दे रहे थे। 8 अक्टूबर 2017 में DRI ने 14 करोड़ 56 लाख रुपए की जाली नोट BKC में पकड़े। मलिक ने आगे कहा कि इन आरोपियों की गिरफ्तार मुंबई में हुई। पुणे में भी एक गिरफ्तारी हुई। लेकिन 14 करोड़ को 8 लाख 80 बताकर मामला दबाया गया। Devendra Fadnavis का क्रिमनल और अंडरवर्ल्ड से करीबी संबंध हैं।
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रियाज भाटी को मिला था संरक्षण
महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने Devendra Fadnavis गंभीर आरोप लगाते हुए कहा रियाज भाटी का इतिहास सभी जानते है। उस पर दाउद के साथ संबंध होने के आरोप हैं। मलिक ने आरोप लगाया कि रियाज भाटी के जरिए उगाही करवाई गई। रियाज भाटी वहीं है, जिसे जाली नोटों के मामल में पकड़ा गया था। लेकिन हमारे पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र जी के संरक्षण के चलते दो दिन में छोड़ दिया गया।
अंडरवर्ल्ड से Devendra Fadnavis के करीब संबंध
नवाब मलिक कहा कि जब 14.56 करोड़ के जाली नोट DRI पकड़े थे। समीर वानखेड़े उस वक्त DRI में जॉइंट कमिश्नर थे। पूरे मामले को दबाया गया. इससे सिद्ध होता है कि समीर वानखेड़े के Devendra Fadnavis से संबंध है। मलिक ने आगे कहा कि मुन्ना यादव क्रिमनल था, जिसे कंस्ट्रक्शन बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। जिसका भाई जाली नोट में पकड़ा गया, उसे माइनॉरिटी कमीशन का चेयरमैन बनाया गया। जिसकी पत्नी बंग्लादेशी है बांग्लादेशियों को मुंबई में बसाने का काम करता है, उसे आपने मौलाना आजाद कमिटी का प्रमुख बनाया। आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मलिक के अंडरवर्ल्ड के साथ संबंध होने की बात कही है।



