जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर एक बड़े वर्ग की मांग है कि भारत में तेजी से बढ़ती आबादी पर रोक लगाने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून जरूरी है और इसके लिए बिल भी तैयार हुआ है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के एक बयान के बाद इसकी चर्चा ज्यादा हो गई है, जिसमें कहा गया था कि जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए एक कानून जल्द ही लाया जाएगा।
राजनीति में नहीं हो सकेंगे सक्रिय
अगर पॉपुलेशन कंट्रोल बिल, 2021 के हिसाब से देखें तो इसमें सिफारिश की गई है कि जिन माता-पिता को 2 से ज्यादा बच्चे हैं, उनसे कई प्रकार की सुविधाएं वापस ले लेनी चाहिए या नहीं दी जानी चाहिए। इसके अलावा ये भी कहा गया है कि ऐसे परिवार के सदस्य को लोकसभा, विधानसभा या पंचायत चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिले।
इतना ही नहीं, दो से ज्यादा बच्चे वाले परिवार को राज्यसभा, विधान परिषद् और इस तरह की संस्थाओं में निर्वाचित या मनोनित होने से रोका जाना चाहिए। वहीं, दो से ज्यादा बच्चे वाले परिवार के लोगों को कोई राजनीतिक दल नहीं बनाने का नियम बनाना चाहिए। साथ ही सिफारिश है कि ऐसे परिवार के सदस्य किसी पार्टी के पदाधिकारी भी नहीं बन पाएंगे।
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नौकरी में अप्लाई करने में होगी मुश्किल
अगर सिफारिशों को मान लिया जाए तो दो से ज्यादा बच्चे होने पर केंद्र सरकार की कैटगरी ए से डी तक में नौकरी के लिए अप्लाई नहीं कर सकेंगे और निजी नौकरियों में भी ए से डी तक की कैटगरी में आवेदन नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा सिफारिश ये भी है कि दो से ज्यादा बच्चे वाले व्यक्तियों को मुफ्त भोजन, मुफ्त बिजली और मुफ्त पानी जैसी सब्सिडी नहीं मिलनी चाहिए। साथ ही ये परिवार बैंक या किसी भी अन्य वित्तीय संस्थाओं से लोन लेने में भी इन लोगों को मुश्किल होगी। इसके अलावा किसी भी इनसेंटिव स्टाइपेंड या कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलना चाहिए।
यूपी में क्या है फाइनल ड्राफ्ट?
बता दें कि पिछले साल जनसंख्या कानून का फाइनल ड्राफ्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपा गया था। उस वक्त कानून कैसा होना चाहिए, इसको लेकर 8,500 से ज्यादा सुझाव आए थे, जिसमें से 8,200 सुझावों को बिल में शामिल किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ड्राफ्ट में सुझाव दिए गए थे कि जिनके दो बच्चे होंगे, उन्हें ग्रीन कार्ड दिया जाएगा और जिनका एक बच्चा होगा, उन्हें गोल्ड कार्ड दिया जाएगा। कार्ड के आधार पर ही उन्हें सरकार की ओर से अतिरिक्त सुविधाएं दी जाएंगी।
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