भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और पाकिस्तान नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक के बीच ढाका में हुई मुलाकात ने पाकिस्तान में सियासी हलचल मचा दी है। यह मुलाकात बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार के दौरान हुई, जहां दोनों नेताओं के हाथ मिलाने की तस्वीर सामने आई। भारत में इस तस्वीर को सामान्य कूटनीतिक शिष्टाचार माना गया, लेकिन पाकिस्तान में इसे किसी गहरी साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
नजाम सेठी का दावा – ‘ये अमन नहीं, प्लानिंग है’
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार और एक्सपर्ट नजाम सेठी ने इस मुलाकात को भारत की “स्ट्रैटेजिक प्लानिंग” बताया है। उनका कहना है कि भारत दुनिया को यह दिखाना चाहता है कि वह शांति चाहता है, लेकिन पर्दे के पीछे कोई बड़ा फैसला लिया जा चुका है।
नजाम सेठी का दावा है कि भारत पहले किसी फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन की जमीन तैयार करेगा और फिर उसी को आधार बनाकर पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
फॉल्स फ्लैग की आशंका और ‘अमन का नैरेटिव’
सेठी के मुताबिक, भारत पहले न्यूक्लियर लिस्ट एक्सचेंज, एयरस्पेस खोलने और हाथ मिलाने जैसे कदम उठाकर यह माहौल बनाएगा कि वह पूरी तरह अमन के पक्ष में है। इसके बाद अगर कोई घटना होती है, तो उसका दोष पाकिस्तान पर डाला जाएगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अब तक ऐसे आरोपों के कोई ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं।
एयरस्पेस और बिजनेस नुकसान का तर्क
नजाम सेठी ने यह भी कहा कि भारत एयरस्पेस खोलने की बात इसलिए कर रहा है क्योंकि भारतीय एयरलाइंस को पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से भारी नुकसान हो रहा है। विमानों को साढ़े तीन घंटे अतिरिक्त उड़ान भरनी पड़ रही है। उनका मानना है कि मौजूदा हालात में भारत-पाकिस्तान के बीच स्थायी शांति की संभावना बेहद कम है।
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