मिडिल ईस्ट में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब गंभीर मानवीय संकट में तब्दील हो चुका है। खाड़ी देशों में रह रहे 90 लाख से अधिक भारतीय नागरिक इस समय मिसाइल हमलों और सायरनों के बीच असुरक्षित हालात का सामना कर रहे हैं। तेहरान के मेडिकल कॉलेजों से लेकर दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों तक, हर तरफ भारतीयों की एक ही मांग है—सुरक्षित वापसी।
खामेनेई की मौत के बाद भड़का तनाव
28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालात तेजी से बिगड़े। इसके बाद शुरू हुए हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को युद्ध क्षेत्र जैसा बना दिया। UAE, सऊदी अरब, कतर, ओमान जैसे देशों में जहां भारतीय प्रवासियों की संख्या सबसे अधिक है, वहां अब लगातार एयर सायरन और मिसाइल अलर्ट सुनाई दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भावुक अपीलें
दुबई में काम कर रहे एक भारतीय वर्कर ने इंस्टाग्राम रील के ज़रिए कहा, “मैं रोज़गार के लिए यहां आया था, अब जान बचाने की कोशिश कर रहा हूं। भारत सरकार से अपील है कि हमें यहां से सुरक्षित निकालें।” इसी तरह, मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीय टूरिस्ट, MBA और मेडिकल स्टूडेंट्स भी वीडियो पोस्ट कर भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
तेहरान में भारतीय मेडिकल छात्रों की स्थिति गंभीर
ईरान की राजधानी तेहरान में पढ़ रहे भारतीय मेडिकल छात्रों ने हालात को बेहद डरावना बताया है। एक छात्रा ने कहा कि एयर स्ट्राइक और मिसाइल हमलों के कारण भविष्य को लेकर भारी अनिश्चितता है और तेज़ रेस्क्यू कार्रवाई की जरूरत है। ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के एक छात्र ने बताया कि छात्र खुलकर कैमरे पर आने से भी डर रहे हैं, लेकिन सभी की ओर से भारत सरकार से जल्द निकासी की अपील की जा रही है।
2,000 से अधिक कश्मीरी छात्र ईरान में फंसे
जानकारी के मुताबिक, ईरान में इस समय कम से कम 2,000 कश्मीरी छात्र मौजूद हैं, जिनमें बड़ी संख्या मेडिकल स्टूडेंट्स की है। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर डिप्लोमैटिक इंटरवेंशन और एयरलिफ्ट की मांग की है।
MEA ने जारी की इमरजेंसी हेल्पलाइन
विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान और खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ये हेल्पलाइन मेडिकल, सुरक्षा और निकासी से जुड़े मामलों में सहायता प्रदान कर रही हैं। भारतीय मिशन लगातार नागरिकों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हालांकि, कई देशों में एयरस्पेस बंद होने और फाइटर जेट, ड्रोन व मिसाइल गतिविधियों के कारण तुरंत बड़े पैमाने पर निकासी योजना की घोषणा नहीं की गई है।
एयरलाइंस ने उड़ानें कीं सस्पेंड
एयर इंडिया और इंडिगो समेत कई भारतीय एयरलाइंस ने मिडिल ईस्ट रूट की उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं। NOTAM और री-रूटिंग एडवाइजरी पर लगातार नजर रखी जा रही है। शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल और पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने भी प्रधानमंत्री से अपील की है कि भारतीय नागरिकों, खासकर पंजाबियों, को संघर्ष क्षेत्र से सुरक्षित निकाला जाए।
दुबई में फंसे भारतीय स्टूडेंट ग्रुप सुरक्षित
पुणे के पास स्थित एक बिज़नेस स्कूल के 84 MBA छात्र और 4 फैकल्टी मेंबर स्टडी टूर के बाद दुबई में फंस गए थे। अधिकारियों के मुताबिक सभी को सुरक्षित होटल में शिफ्ट कर दिया गया है। मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। भारत सरकार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है और कूटनीतिक स्तर पर हर संभव प्रयास कर रही है। भारत में बैठे परिवार उम्मीद लगाए हैं कि जल्द ही उनके अपने सुरक्षित घर लौट सकें।
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