जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पद्दार ताशोती इलाके में गुरुवार को बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे एक सामुदायिक रसोई (लंगर) शेड बह गया। घटना मचैल माता यात्रा के शुरुआती बिंदु चशोती के पास हुई, जहां इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है।
जिला प्रशासन ने बताया कि हताहत होने की आशंका है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 4-6 घंटों के लिए जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
केंद्रीय मंत्री ने की डीसी से बात, एनडीआरएफ टीम की मांग
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि उन्हें जम्मू-कश्मीर में विपक्ष के नेता और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा से इस घटना की सूचना मिली। इसके बाद उन्होंने तत्काल किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बातचीत की। डॉ. सिंह ने कहा कि चोसिटी क्षेत्र में बादल फटने से भारी जनहानि की आशंका है और प्रशासन तेजी से राहत-बचाव में जुटा है। उन्होंने बताया कि बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
उपराज्यपाल ने जताया शोक, राहत अभियान तेज करने के निर्देश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने ट्वीट कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
उपराज्यपाल ने सिविल, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए।
क्षेत्र में हालात गंभीर, संख्या का इंतजार
किश्तवाड़ के डीसी पंकज शर्मा ने बताया कि इलाके में बचाव कार्य जारी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
विधायक सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि अभी तक कोई आधिकारिक संख्या या डेटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन भारी नुकसान की आशंका है। उन्होंने एनडीआरएफ टीम भेजने की मांग की है।
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