बिहार के गया में शनिवार सुबह अपराधियों ने स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी और शेरघाटी के निजी अस्पताल संचालक डॉ. तपेश्वर प्रसाद को गोली मार दी। घटना उस वक्त हुई जब वे खेत से लौट रहे थे। बाइक सवार तीन हमलावरों ने घात लगाकर उन पर गोलियां दागीं। गोली उनके जबड़े में लगी और हालत गंभीर बनी हुई है।
इलाज के लिए उन्हें अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, गया रेफर किया गया। डॉ. प्रसाद के बेटे ने बताया, “सुबह 8 बजे के करीब जब वे खेत से लौट रहे थे तभी तीन अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। अभी हालत नाजुक है।” पुलिस को आपसी विवाद की आशंका है। मामले की जांच जारी है।
पटना के अस्पताल में चंदन मिश्रा की हत्या
इसी बीच पटना में शुक्रवार को कानून व्यवस्था की पोल खोलती एक और घटना सामने आई। कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की अस्पताल के आईसीयू में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पांच हथियारबंद हमलावर पारस अस्पताल में घुसकर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई।
पुलिस के मुताबिक, चंदन मिश्रा हत्या के कई मामलों में आरोपी था और पैरोल पर बाहर आया था। शक है कि प्रतिद्वंद्वी गिरोह ने उसकी हत्या की। पूछताछ के लिए तीन संदिग्धों को कोलकाता से हिरासत में लिया गया है।
विपक्ष का सरकार पर हमला
राज्य में बढ़ते अपराधों पर विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथ लिया। तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, “बीजेपी ने बिहार को बनाया तालिबान। गया में डॉक्टर पर गोली, पटना में महिला पर गोली, रोहतास में व्यवसायी की हत्या। मोदी-नीतीश की सरकार बेबस।”
कानून-व्यवस्था पर सवाल
पिछले कुछ हफ्तों में बिहार में अपराध की कई बड़ी घटनाओं ने जनता और प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। लगातार होती हत्याओं और गोलीबारी ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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