BCCI से सौरव गांगुली के बाहर होने को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि भाजपा में शामिल नहीं होने की वजह से sourav ganguly को बीसीसीआई से बाहर किया गया। वहीं भाजपा ने साफ तौर पर कहा है कि इसमें राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
राजनीति और भाजपा से इसका कोई लेना-देना नहीं। हालांकि, पिछले दिनों खबर आई थी कि सौरव गांगुली क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल का चुनाव लड़ेंगे। इन सबके बीच सौरव गांगुली को लेकर ममता बनर्जी का भी एक बयान आया है।
गांगुली को आईसीसी का चुनाव लड़ना चाहिए- ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कहा है कि सौरव गांगुली को आईसीसी का चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध करती हूं कि यह वह सुनिश्चित करें सौरव गांगुली को आईसीसी चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए।
इसके साथ ही ममता ने कहा कि वह एक लोकप्रिय व्यक्ति हैं। इसलिए उन्हें इससे वंचित किया जा रहा है। ममता ने कहा कि मैं भारत सरकार से आग्रह करती हूं कि राजनीतिक रूप से निर्णय ना लें बल्कि खेल और क्रिकेट को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाए। सौरव गांगुली किसी पॉलिटिकल पार्टी के सदस्य नहीं हैं। आपको बता दें कि आईसीसी अध्यक्ष पद के लिए भी चुनाव होने हैं। इसमें भी सौरव गांगुली को एक अहम उम्मीदवार माना जा रहा था।
इससे पहले सौरव गांगुली ने बीसीसीआई से बाहर होने को लेकर मचे राजनीतिक बवाल के बीच अपनी चुप्पी तोड़ी थी। उन्होंने कहा था कि मैं 5 साल तक क्रिकेट एसोसिएशन बंगाल का अध्यक्ष रहा और 3 साल तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रूप में मैंने काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद आपको जाना होता है।
आप खेल या प्रशासन में हमेशा के लिए नहीं बने रह सकते हैं। गांगुली ने यह भी कहा था कि खिलाड़ी और प्रशासक के रूप में सिक्के के दोनों पक्षों को देख कर बहुत अच्छा था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मैं एक प्रशासक के रूप में रहा हूं और आगे भी बहुत कुछ करूंगा।
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