खबर संसार हल्द्वानी.अब नोटिस तो दे दिए लेकिन जांच में हाथ पांव फूल रहे, लिहाजा 105 कर्मियों की 35 टीम करेंगी 114 स्कूलों के घोटाले की जांच?जी हा शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मनमानी के चिट्ठे खंगालने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए नैनीताल जिले में 35 टीमें बनाई गई हैं। हर टीम में तीन-तीन सदस्य शामिल हैं, यानी कुल 105 अधिकारी, शिक्षक व कर्मचारी लगाए गए हैं। जो 114 प्राइवेट स्कूलों से मिले जवाबों की जांच कर रहे हैं। जिसमें विद्यालयों को जारी अधिक शुल्क की वापसी या समायोजन, वेबसाइट पर विवरण सार्वजनिक करने सहित अन्य आदेशों के पालन की स्थिति को भी देखा जा रहा है। इसके बाद स्कूलों पर अंतिम कार्रवाई होगी।
दरअसल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर निजी स्कूलों पर कार्रवाई शुरू की गई थी। इसमें चार अप्रैल से शिक्षा विभाग, प्रशासन और जीएसटी की टीम ने बाजार में निरीक्षण शुरू किया था। बुक सेलरों और यूनिफार्म की दुकानों से स्कूलों की मनमानी व अभिभावकों पर बोझ डालने के प्रमाण मिले थे। साथ ही शिक्षा विभाग को भी कई अभिभावकों न लिखित शिकायत की थी। जिसके आधार मुख्य शिक्षा अधिकारी जीआर जायसवाल ने पहले चरण में स्कूलों को कारण बताओ नोटिस भेजा था। वहीं, उसके बाद पांच चरणों में अंतरिम आदेश जारी किए गए थे। जिसमें सबसे ज्यादा
शिक्षा विभाग ने 114 स्कूलों से मिले जवाबों की जांच शुरू कराई
आदेश पर हुई कार्यवाही की स्थिति जांचने के बाद होगी कार्रवाई
स्कूलों से मिले जवाबों की जांच 6 हो रही है। ब्ला । ब्लाक स्तर से रिपोर्ट 0 भेजी जा रही हैं। जून के पहले सप्ताह कार्रवाई करते हुए अंतिम आदेश जारी किए जाएंगे। जीआर जायसवाल मुख्य शिक्षा अधिकारी।करीब 80 विद्यालय हल्द्वानी ब्लाक क्षेत्र के थे। जबकि, शेष लगभग 34 स्कूल जिले के अन्य क्षेत्रों के थे। प्रत्येक स्कूल को पत्र जारी करने की वजह बताते हुए कमियों को दूर करने के लिए कहा गया था। अभिभावकों को राहत देने के निर्देश दिए थे। बात नहीं मानने पर संबद्धता निरस्त करने के लिए सीबीएसई को संस्तुति भेजने, पांच लाख तक का जुर्माना लगाने सहित अन्य चेतावनी दी थी।
