वॉशिंगटन, खबर संसार। यूक्रेन युद्ध में अमेरिका और ब्रिटेन पहले ही अपनी सेना भेजने से साफ इनकार कर चुके हैं, लेकिन यूरोपीय देश अभी भी यूक्रेन में विनाशकारी हथियारो की सप्लाई कर रहे हैं और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की लगातार और हथियारों की मांग कर रहे हैं।
रूसी वायुसेना का मुकाबला करने के लिए यूक्रेन ने पश्चिमी देशों से फाइटर जेट्स देने की मांग की थी और अमेरिकी विदेश मंत्री के मुताबिक, अमेरिका पोलैंड के मिग विमानों को यूक्रेन युद्ध में भाग लेने के लिए भेजना चाहता था, लेकिन अब पोलैंड ने अपने विमानो को यूक्रेन युद्ध में भेजने से मना कर दिया है।
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पोलैंड नहीं भेजेगा मिग-29
अमेरिका ने दावा किया था कि, यूक्रेन में मिग-29 विमानों को भेजने के बदले पोलैंड अमेरिका का एफ-16 फाइटर जेट्स चाहता था और अमेरिका इसके लिए तैयार भी हो गया था और ‘डील’ के मुताबिक, पोलैंड अपने मिग-29 विमानों को यूक्रेन में युद्ध के लिए भेजता और बदले में अमेरिका से उसे एफ-16 विमान मिलते।
लेकिन, एन वक्त पर पोलैंड पलट गया। दरअरस, यूक्रेन ने कहा था कि, उसके पायलट्स मिग विमानों को उड़ाने में सक्षम हैं, लेकिन उन्हें अत्याधुनिक एफ-16 फाइटर जेट्स विमान चलाना नहीं आता है, लिहाजा यूक्रेन को मिग विमानों की ही जरूरत थी, जिसे देने से अब पोलैंड ने इनकार कर दिया है।
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पुतिन की सख्त धमकी
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि, वह किसी तीसरे पक्ष द्वारा नो-फ्लाई ज़ोन की किसी भी संस्था को ‘सशस्त्र संघर्ष में भागीदारी’ के रूप में देखेंगे। यानि, उन्होंने साफ कर दिया है, कि अगर नाटो, यूक्रेन में नो फ्लाई जोन घोषित करता है, तो उसे दो देशों की लड़ाई में नाटो को शामिल माना जाएगा।
वहीं, पोलैंड के एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने कहा कि, ‘पोलैंड रूस के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है, लेकिन पोलैंड यूक्रेन युद्घ में रूसी आक्रामकता का समर्थन नहीं करता है और वो निष्पक्ष होकर नहीं रह सकता है।
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