कांग्रेस नेता राहुल गांधी मानहानि के एक मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए शुक्रवार को यहां एक विशेष अदालत में पहुंचे। मामला पिछले साल राज्य विधानसभा चुनाव से पहले प्रमुख अखबारों में ‘अपमानजनक’ विज्ञापन जारी करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई द्वारा दर्ज कराया गया था।
इनमें राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार पर 2019 से 2023 तक शासन के दौरान बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया गया था। अदालत ने एक जून को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उप मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार को इस मामले में जमानत दी थी। वे अदालत के समक्ष पेश हुए थे। न्यायाधीश के एन शिवकुमार ने राहुल गांधी को सात जून को निश्चित रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था।
मानहानि मामले में जा चुकी है सांसदी
इससे पहले, 23 मार्च 2023 को सूरत की सीजेएम कोर्ट ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी। उन्हें मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी के कारण सजा सुनाई गई थी। अगले ही दिन 24 मार्च को लोकसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता जाने का आदेश जारी कर दिया। नियम के अनुसार, अगर किसी सांसद या विधायक को दो साल या इससे अधिक की सजा होती है तो उसकी सदस्यता चली जाती है। राहुल के साथ भी ऐसा ही हुआ। हालांकि, बाद में राहुल को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई। अदालत ने उनकी सजा पर रोक लगा दी।
सांसदी जाने के बाद खाली किया बंगला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 22 अप्रैल को अपना आधिकारिक बंगला खाली कर दिया। कहा कि यह सच बोलने के लिए चुकाई गई कीमत है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन तक 10 जनपथ पर अपनी मां के आवास पर रहेंगे। इससे पहले, 27 मार्च को लोकसभा सचिवालय ने पूर्व कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी को 22 अप्रैल तक अपना आधिकारिक आवास खाली करने को कहा था।
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