महाराष्ट्र में शिवसेना की अंदरुनी कलह अब हिंसा में तब्दील हो गई है। कई जगहों पर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बागी नेताओं के ठिकानों पर हमले किए। इस बीच मुंबई में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए धारा 144 लागू हो गई है।
एनसीपी-शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बागी विधायकों के होटल के बाहर किया प्रदर्शन
शिवसेना असम राज्य इकाई के प्रमुख राम नारायण सिंह ने शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ वापस आने के लिए पत्र लिखा है। इस बीच एनसीपी और शिवसेना की असम इकाइयों ने असम के गुवाहाटी में रैडिसन ब्लू होटल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में उन्हें मौके से हटा दिया गया। इस होटल में फिलहाल महाराष्ट्र के बागी विधायक ठहरे हुए हैं।
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शिवसेना राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू
शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को हुई। इसमें पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे और कई बड़े नेता शामिल हुए। बैठक में मुद्दा बालासाहेब की विरासत को लेकर रहा।
शिंदे गुट का नया नाम- ‘शिवसेना बालासाहेब’
महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री और बागी विधायक दीपक केसरकर ने खुलासा किया है कि एकनाथ शिंदे के खेमे की तरफ से शिवसेना विधायकों के समर्थन से ‘शिवसेना बालासाहेब’ नया समूह गठित किया गया है। गौरतलब है कि शिंदे गुट का दावा है कि उसके पास 40 से ज्यादा शिवसेना विधायकों और कई और निर्दलीयों का समर्थन है।
शिवसैनिकों की तोड़फोड़ के बीच पुणे में अलर्ट पर पुलिस
शिवसेना कार्यकर्ताओं की ओर से बागी विधायकों के आवास को निशाना बनाए जाने की घटना का पुणे पुलिस ने संज्ञान लिया है। तानाजी सावंत के कार्यालय में राजनीतिक संकट और तोड़फोड़ के बीच, पुणे पुलिस ने अलर्ट जारी किया और सभी पुलिस स्टेशनों को शहर में शिवसेना नेताओं से संबंधित कार्यालयों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा। पुणे पुलिस के पीआरओ ने इसकी जानकारी दी।
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