दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ईडन गार्डन्स में मिली 30 रनों की हार ने भारतीय बल्लेबाज़ों की स्पिन के खिलाफ बढ़ती कमजोरी को उजागर कर दिया है। इसी निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि भारतीय बल्लेबाज़ अब टर्निंग पिचों पर पुरानी मजबूती नहीं दिखा पा रहे।
“सचिन, मजूमदार और मन्हास होते तो मैच चौथे दिन तक जाता”
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि अगर सचिन तेंदुलकर, अमोल मजूमदार या मिथुन मन्हास जैसे खिलाड़ी इस तरह के स्पिन-अनुकूल विकेट पर खेलते, तो मैच कम से कम चार दिन तक खिंच सकता था। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज़ ही ऐसी पिचों पर टिक सकते हैं।
मौजूदा बल्लेबाज़ स्पिन के सामने जल्दी दबाव में
अश्विन के अनुसार, मौजूदा भारतीय बल्लेबाज़ों का डिफेंस कमजोर हुआ है और वे लगातार स्पिनरों के जाल में फंस रहे हैं। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहला टेस्ट मुश्किल से तीन दिन चला, क्योंकि 134 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 93 पर ढेर हो गई।
कप्तान गिल बाहर, पंत ने संभाली कमान
पहली पारी में भारतीय कप्तान शुभमन गिल गर्दन में ऐंठन के चलते आगे बल्लेबाज़ी नहीं कर सके। ऐसे में उपकप्तान ऋषभ पंत ने टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन लगातार विकेट गिरने से भारत का संघर्ष बढ़ता गया। वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल ने जुझारू पारियाँ खेलीं, पर वे हार टालने में नाकाम रहे।
साइमन हार्मर बने भारत की हार के मुख्य कारण
दक्षिण अफ्रीका के बाएँ हाथ के स्पिनर साइमन हार्मर ने भारतीय बल्लेबाज़ों को संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने 30 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और भारत की कमर तोड़ दी। उनका प्रदर्शन बताता है कि भारतीय टीम की स्पिन के खिलाफ पारंपरिक क्षमता लगातार घट रही है।
यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप
हमारे फ़ैज़ी वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्लिक करें


