जी, हां पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में चीनी इंजीनियरों के काफिले पर आतंकी हमले की खबर आ रही है। आज चीनी इंजीनियरों के काफिले पर सुबह 9:30 बजे हमला किया गया। जानकारी के मुताबिक, ग्वादर बंदरगाह में गोलियों और ब्लास्ट की आवाज सुनी गई। आवाज लंबे समय तक सुनी गई है। एहतियात के तौर पर इलाके को बंद कर दिया गया है। साथ ही यहां एंट्री और एग्जिट प्वाइंट को भी बंद कर दिया गया है।
खबर लिखे जाने तक किसी तरह के हताहत होने की खबर नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह आतंकी हमला पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित ग्वादर के फकीर कॉलोनी के पास हुआ है। सरकारी अधिकारियों ने भी ग्वादर में चीनी इंजीनियरों पर हमले की पुष्टि की है। हालांकि, अभी तक किसी आतंकी संगठनों ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
ग्वादर बंदरगाह पर चीन के चल रहे हैं प्रोजेक्ट
बलूचिस्तान के मीडिया ने एक वीडियो शेयर किया है उसमें गोलीबारी और बमबारी की तेज आवाज सुनाई दे रही है। साथ ही आसमान में काले धुएं निकल रहे हैं। घटना पर अभी तक सरकार की ओर से भी कोई प्रतक्रिया नहीं आई है। बताते चलें कि ग्वादर बंदरगाह पर चीन की ओर से कई प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है। चीनी नागरिकों की आवाजाही यहां जारी है। रविवार की सुबह यहां पर विद्रोहियों ने चीनी इंजीनियरों की बस पर हमला बोल दिया।
इससे पहले भी हो चुके हैं कई हमले
बता दें कि मई 2022 में कराची विश्वविद्यालय में चीनी निर्मित कन्फ्यूशियस संस्थान के कर्मचारियों की बस पर एक आत्मघाती हमला किया गया था। इसमें तीन चीनी नागरिक सहित चार लोगों की मौत हो गई थी। हमले के बाद बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने इसकी जिम्मेदारी ली थी।
इससे पहले जुलाई 2021 में उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में इंजीनियरों से भरी बस पर बमबारी की गई थी। जिसमें 9 चीनी सैनिकों समेत 13 लोगों की जान चली गई थी। चीनी दबाव को देखते हुए इस दौरान पाकिस्तान ने चीनी मृतकों के परिजनों को लाखों का मुआवजा दिया था। चीन ने हमले की जांच के लिए अपनी टीम भी भेजी थी।
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