उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने पंचायत चुनाव को लेकर विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस बार पंचायत चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे, जिसमें ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। चुनावी प्रक्रिया के तहत कुल 74,499 ग्राम प्रधान, 55,600 ग्राम पंचायत सदस्य, 2,974 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 358 जिला पंचायत सदस्य चुने जाएंगे।
नामांकन की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, 23 जून को सभी जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी विस्तृत अधिसूचना जारी करेंगे। इसके बाद 25 जून से 28 जून तक उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 29 जून से 1 जुलाई के बीच की जाएगी और 2 जुलाई को नाम वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
दो चरणों में मतदान और मतगणना
पंचायत चुनाव का पहला चरण 10 जुलाई को आयोजित होगा, जिसके लिए चुनाव चिह्न 3 जुलाई को आवंटित किए जाएंगे। वहीं, दूसरा चरण 15 जुलाई को होगा और इसके लिए चुनाव चिह्न 8 जुलाई को दिए जाएंगे। दोनों चरणों की मतगणना 18 जुलाई को की जाएगी। चुनाव के शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संचालन के लिए जिला प्रशासन को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
आचार संहिता लागू, गांव-गांव में चुनावी हलचल
पंचायत चुनाव के मद्देनजर पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी तंत्र को सक्रिय किया है। जैसे ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई, गांव-गांव में चुनावी माहौल गरमाने लगा है। प्रत्याशी रणनीति बनाने में जुट गए हैं और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
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