खबर संसार ग्वालियर.19 की पत्नि 41 के पति के साथ सामंजस्य नहीं बना पा रही तो हाईकोर्ट ने युवती रिक्वेस्ट पर बॉयफ्रेंड के साथ रहने की अनुमति दी, जी हा मामला ग्वालियर का है । हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में 19 साल की युवती ने अपने से 21 साल बड़े पति के साथ वैवाहिक जीवन में सामंजस्य नहीं बन पाने की बात कहते हुए बॉयफ्रेंड के साथ रहने की इच्छा जताई। युवती की इच्छा पर हाईकोर्ट ने उसे अपने प्रेमी के साथ जाने की अनुमति दे दी। साथ ही छह महीने की निगरानी के लिए ‘शौर्या दीदी’ की नियुक्ति भी की गई।
19 की पत्नि 41 के पति के साथ सामंजस्य नहीं बना पा रही तो हाईकोर्ट ने युवती रिक्वेस्ट पर बॉयफ्रेंड के साथ रहने की अनुमति दी
मामला बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) से जुड़ी याचिका का है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र यादव की युगलपीठ ने यह फैसला मुनाया। युवती के पति अवधेश की ओर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका अधिवक्ता सुरेश पाल सिंह गुर्जर ने दायर की थी। आरोप था कि उसकी पत्नी को अनुज कुमार ने अवैध रूप से अपने पास रखा है। युवती को पुलिस ने बरामद कर वन स्टॉप सेंटर में रखा था। सुनवाई के दौरान युवती को वन स्टॉप सेंटर से सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह सिकरवार, हेड कॉस्टेबल अखिलेश सेंथिमा, लेडी कॉस्टेबल भावना द्वारा कोर्ट में पेश किया, युवती के माता-पिता, पति अवधेश और प्रेमी अनुज भी कोर्ट में मौजूद रहे.सुनवाई के दौरान कोर्ट ने युवती से उसकी इच्छा पूछी। युवती ने साफ कहा कि वह बालिग है, किसी अवैध बंधन में नहीं है और अपनी मर्जी से रह रही है। उसने पति और अपने माता-पिता, दोनों के साथ रहने से इन्कार कर दिया। युवती ने बताया कि उसकी उम्र 19 साल है, जबकि पति की उम्र 41 साल है। इस 21 साल के अंतर के कारण वैवाहिक जीवन में सामंजस्य नहीं बन पाया और उसके साथ दुर्व्यवहार भी हुआ। कोर्ट के निर्देश पर शासकीय अधिवक्ता अंजलि ज्ञानानी ने युवती की काउंसलिंग की, लेकिन काउंसलिंग के बाद भी उसने अपने बॉयफ्रेंड अनुज के साथ रहने की इच्छा दोहराई। अनुज ने भी कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह युवती की पूरी देखभाल करेगा और किसी तरह की प्रताड़ना नहीं देगा। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका का उद्देश्य समाप्त हो चुका है।



