गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की चौतरफा बिकवाली के चलते जोरदार गिरावट देखने को मिली। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स करीब 780 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 26,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
आईटी और टेक शेयरों ने खींचा बाजार नीचे
बाजार में गिरावट की अगुवाई आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर ने की। वैश्विक स्तर पर कमजोर संकेत, डॉलर में मजबूती और अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही हालिया तेजी के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया।
रियल्टी और मेटल सेक्टर पर भी दबाव
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो आईटी, रियल्टी और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। वहीं बैंकिंग और एफएमसीजी शेयर भी बाजार की कमजोरी से खुद को नहीं बचा सके। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव बना रहा, जिससे बाजार की चौड़ाई नकारात्मक रही।
वैश्विक संकेतों पर टिकी आगे की चाल
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेत, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और बजट से पहले सतर्कता के कारण निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा अमेरिकी बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और FII गतिविधियों पर निर्भर करेगी।
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