खबर संसार, नई दिल्ली: Maa Annapurna की मूर्ति कनाडा से बरामद, काशी में होगी स्थापित, भारत सरकार द्वारा किया गया प्रयास आखिरकार सफल हो गया। मां अन्नपूर्णा की 100 वर्ष पहले 1913 में काशी के एक घाट से चुरा ली गई थी, जिसके 100 वर्ष बाद चोरी हुई मूर्ति आखिरकार कनाडा ने भारत को सौंप दी। जिसे 15 नवंबर को वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में मंत्रोच्चारण व विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश राणा और नीलकंठ तिवारी ने आज 11 नवंबर को Maa Annapurna की मूर्ति को नई दिल्ली में प्राप्त किया। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी और जीके रेड्डी ने यूपी सरकार को मूर्ति सौंपी।
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Maa Annapurna को पुष्प अर्पित की पूजा-अर्चना
दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने पुष्प अर्पित करते हुए मां की पूजा-अर्चना की। Maa Annapurna की मूर्ति भारत से करीब 100 वर्ष पहले चोरी हो गई थी। आज गुरुवार को मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को यूपी सरकार को सौंप दी गई। Maa Annapurna की पुनर्स्थापना यात्रा 13 नवंबर को लखनऊ पहुंचेगी। इसके बाद मां अन्नपूर्णा की मूर्ति 15 नवंबर को काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किया जाएगा। इस प्रतिमा में मां अन्नपूर्णा के एक हाथ में खीर की कटोरी और एक चम्मच को देखा जा सकता है। इस प्रतिमा को 18 वीं शताब्दी का बताया जा रहा है।
इस तरह मिली वापस मां अन्नपूर्णा मूर्ति
यहां बता दें कि जब इस साल गैलरी में एक आगामी प्रदर्शनी की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान कलाकार दिव्या मेहरा ने इसे पहचान लिया। उन्होंने इस मुद्दे को उठाया और सरकार को इससे अवगत कराया। रेजिना विश्वविद्यालय के अंतरिम अध्यक्ष व कुलपति थॉमस चेस ने यह मूर्ति भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को सौंपी।


