एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) ने भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। कंपनी ने मुंबई के अंधेरी ईस्ट इलाके में करीब 1294 वर्ग फुट का ऑफिस पांच साल की लीज़ पर लिया है। यह कदम भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की शुरुआत की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस ऑफिस का किराया करोड़ों रुपये में है। साथ ही, 30 और 31 अक्टूबर को कंपनी ने मुंबई में सैटेलाइट इंटरनेट टेक्नोलॉजी का ट्रायल डेमो भी आयोजित किया है, जिसमें आम लोग और अधिकारी कंपनी की तकनीक और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को समझ सकेंगे।
देशभर में होंगे 9 गेटवे स्टेशन
कंपनी मुंबई को भारत में मुख्य ऑपरेशन हब बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसके साथ ही, लखनऊ, नोएडा, चंडीगढ़ और कोलकाता समेत नौ प्रमुख शहरों में अर्थ स्टेशन गेटवे बनाने की तैयारी चल रही है। इन गेटवे की मदद से स्टारलिंक देश के दूर-दराज़ इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने में सक्षम होगी।
कब लॉन्च होगी स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस
हालांकि कंपनी ने अभी तक अपनी लॉन्च डेट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि जनवरी-फरवरी 2026 तक भारत में इसकी सेवाएं शुरू हो सकती हैं। इससे उन ग्रामीण और दुर्गम इलाकों को कनेक्टिविटी मिलेगी जहां अब तक इंटरनेट पहुंच नहीं सका है।
कीमत और इंस्टॉलेशन खर्च
स्टारलिंक सर्विस की सब्सक्रिप्शन कीमत को लेकर अभी अंतिम जानकारी नहीं है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका सबसे सस्ता प्लान 1000 रुपये से कम हो सकता है। हालांकि, इसके लिए लगने वाले किट (Dish + Router) की कीमत करीब 30,000 से 40,000 रुपये तक हो सकती है।
कंपनी का उद्देश्य भारत के हर कोने में तेज़, भरोसेमंद और सुलभ इंटरनेट उपलब्ध कराना है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो स्टारलिंक भारत के डिजिटल कनेक्टिविटी मिशन में बड़ा योगदान दे सकता है।
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