अगर आप सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह समय आपके लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। पिछले पांच दिनों के दौरान दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। खास तौर पर चांदी के भाव में तेज कमजोरी देखने को मिली है, जबकि सोना भी लगातार दबाव में बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी और निवेशकों की बदलती रणनीति का असर भारतीय सर्राफा बाजार में साफ दिखाई दे रहा है।
पांच दिनों में कितना सस्ता हुआ सोना?
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों के दौरान अच्छी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव, जो हाल ही में करीब 1.60 लाख रुपये के स्तर के आसपास पहुंच गया था, अब घटकर लगभग 1.52 लाख से 1.59 लाख रुपये के दायरे में आ गया है।
सोने के दाम में आई इस नरमी से उन उपभोक्ताओं को राहत मिली है जो शादी-ब्याह, त्योहारों या निवेश के उद्देश्य से खरीदारी का इंतजार कर रहे थे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में यह गिरावट खरीदारों के लिए बेहतर अवसर साबित हो सकती है।
चांदी में सोने से ज्यादा कमजोरी
हाल के दिनों में चांदी की कीमतों में सोने की तुलना में अधिक गिरावट देखने को मिली है। बाजार रिपोर्ट्स के मुताबिक, चांदी के भाव में प्रति किलो हजारों रुपये की कमी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कई निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली की, जिससे चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की मांग और कीमतों में कमजोरी देखने को मिली, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा।
आखिर क्यों घट रहे हैं सोना और चांदी के दाम?
सोना और चांदी की कीमतों में आई हालिया गिरावट के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। सबसे प्रमुख वजह अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े मजबूत आंकड़े और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता है।
बाजार में यह धारणा मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती करने की जल्दबाजी नहीं करेगा। इस संभावना के चलते अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। आमतौर पर डॉलर के मजबूत होने पर सोना और चांदी जैसी सुरक्षित निवेश संपत्तियों की मांग कमजोर पड़ जाती है, जिससे उनके दाम नीचे आते हैं।
इसके अलावा, पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी दोनों में तेज उछाल देखने को मिला था। ऐसे में कई निवेशकों ने मुनाफा बुक करने के लिए बिकवाली की, जिससे बाजार में अतिरिक्त दबाव बना और कीमतों में गिरावट तेज हो गई।
आगे क्या रह सकती है बाजार की दिशा?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों की दिशा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अमेरिकी मौद्रिक नीति और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो कीमती धातुओं में फिर से मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं, डॉलर के मजबूत बने रहने की स्थिति में कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है। फिलहाल, हालिया गिरावट ने उन लोगों को राहत जरूर दी है जो लंबे समय से सोना और चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे थे।
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