HomeTech & AutoChatGPT इस्तेमाल होगा सस्ता? OpenAI टोकन कीमत घटाने की तैयारी में

ChatGPT इस्तेमाल होगा सस्ता? OpenAI टोकन कीमत घटाने की तैयारी में

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक लगातार तेजी से विकसित हो रही है, लेकिन इसके इस्तेमाल की लागत भी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच खबर सामने आई है कि OpenAI अपने लोकप्रिय एआई चैटबॉट ChatGPT के उपयोग को अधिक सस्ता बनाने की योजना पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी डेवलपर्स और बिजनेस ग्राहकों के लिए टोकन की कीमतों में कटौती कर सकती है।

टोकन एआई मॉडल के उपयोग को मापने की एक मानक इकाई होती है। इसी के आधार पर कंपनियां ग्राहकों से शुल्क वसूलती हैं। यदि OpenAI टोकन प्राइस में कमी करती है, तो एआई बाजार में प्रतिस्पर्धा और अधिक तेज हो सकती है।

एआई इंडस्ट्री में अब प्राइसिंग को लेकर बढ़ी प्रतिस्पर्धा

पिछले कुछ वर्षों से एआई कंपनियों के बीच बेहतर मॉडल और नई तकनीकों को लेकर प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही थी। हालांकि यह दौड़ अभी भी जारी है, लेकिन अब कंपनियां कीमतों के स्तर पर भी एक-दूसरे को चुनौती देने लगी हैं।

OpenAI से पहले Google भी अपने AI Plus प्लान को अधिक किफायती बनाने का ऐलान कर चुका है। कंपनी ने कीमतों में बदलाव के साथ उपयोग सीमा और स्टोरेज क्षमता को बढ़ाने की भी बात कही है। वहीं OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि एआई सेवाओं की बढ़ती लागत कई उपयोगकर्ताओं और कंपनियों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है।

नए ग्राहकों को जोड़ने की रणनीति पर OpenAI

विशेषज्ञों का मानना है कि टोकन कीमतों में कमी OpenAI को अधिक ग्राहकों तक पहुंचने में मदद कर सकती है। ऐसे समय में जब एआई सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, यह कदम कंपनी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

खासतौर पर OpenAI और Anthropic के बीच एआई बाजार में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। दोनों कंपनियां अपने कारोबार का विस्तार करने और निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। ऐसे में कम कीमत वाली सेवाएं ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं।

एआई को हर किसी के लिए सुलभ बनाना है लक्ष्य

हाल ही में सैम ऑल्टमैन ने कहा था कि OpenAI अब अपने विकास के ऐसे चरण में प्रवेश कर रही है, जहां उसका प्रमुख लक्ष्य एआई को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है। कंपनी सिर्फ अधिक स्मार्ट एआई सिस्टम विकसित करने पर ही ध्यान नहीं दे रही, बल्कि ऐसे समाधान तैयार करना चाहती है जिन्हें लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से इस्तेमाल कर सकें।

ऑल्टमैन ने एआई की तुलना बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से करते हुए कहा कि जिस तरह बिजली ने दुनिया को बदल दिया, उसी तरह एआई भी सुरक्षित, सस्ती और सभी लोगों तथा व्यवसायों के लिए आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। उनका मानना है कि एआई का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए।

AI सेक्टर में कीमतों की जंग हो सकती है तेज

यदि OpenAI वास्तव में टोकन प्राइस में कटौती करती है, तो इसका असर पूरे एआई उद्योग पर पड़ सकता है। इससे अन्य कंपनियों पर भी अपनी सेवाओं की कीमतों की समीक्षा करने का दबाव बढ़ेगा। आने वाले समय में एआई क्षेत्र में केवल तकनीकी क्षमता ही नहीं, बल्कि किफायती सेवाएं भी प्रतिस्पर्धा का बड़ा आधार बन सकती हैं।


इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस

RELATED ARTICLES
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.