चक्रवात डिटवा ने श्रीलंका में भयंकर तबाही मचाई है। पूरे देश में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। अब तक 350 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि हजारों लोग बेघर होकर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं। देशभर में नेशनल इमरजेंसी घोषित की गई है और कोलंबो सहित कई प्रमुख शहर बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। सड़कें, घर, अस्पताल और सार्वजनिक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। यह आपदा श्रीलंका की सुरक्षा और जीवन स्तर पर गहरा असर छोड़ रही है।
भारत तुरंत मदद के लिए आगे आया
आपदा की इस घड़ी में भारत ने श्रीलंका की मदद का हाथ बढ़ाया है। राहत कार्यों के लिए भारत की टीमें और सहायता सामग्री तेजी से भेजी जा रही है। इसी बीच, पाकिस्तान ने दावा किया कि वह बाढ़ प्रभावित श्रीलंका को राहत सामग्री भेजना चाहता है, लेकिन भारत उससे एयरस्पेस उपलब्ध नहीं करा रहा है।
पाकिस्तान के दावों की पोल खुली
पाकिस्तान के इस आरोप पर भारत ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह झूठ और प्रोपगेंडा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान ने 1 दिसंबर 2025 को दोपहर 1 बजे (IST) ओवरफ्लाइट क्लियरेंस का अनुरोध भेजा था, जो कि मानवीय सहायता से जुड़ा था। भारत ने मानवीय आधार पर सिर्फ 4 घंटे के भीतर, यानी शाम 5:30 बजे, पाकिस्तान को आधिकारिक तौर पर अनुमति दे दी।
भारत ने यह कदम तब उठाया, जब पाकिस्तान स्वयं भारतीय एयरलाइनों पर अपने एयरस्पेस से उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगाए हुए है। इसके बावजूद भारत ने मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए उड़ान को अनुमति दी।
पाकिस्तानी मीडिया पर फर्जी खबर फैलाने के आरोप
भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान की मीडिया और उनके आधिकारिक मिशन द्वारा फैलाया जा रहा यह दुष्प्रचार पुराना पैटर्न है। हवाई क्षेत्र से संबंधित सभी निर्णय तकनीकी और सुरक्षा मानकों के आधार पर लिए जाते हैं, न कि राजनीतिक वजहों से। हाल ही में पाकिस्तान को ऑक्सफोर्ड यूनियन डिबेट में भी भारत के खिलाफ फर्जी खबरें फैलाते पकड़ा गया था।
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