हरिद्वार के पावर हाउस पथरी क्षेत्र में आज एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित मजार को धामी सरकार के बुलडोजर ने आज ध्वस्त कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, इस संरचना को पहले नोटिस जारी किया गया था। नोटिस की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
नगर प्रशासन और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर मजार को गिराया। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि कार्रवाई से पहले सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी की गई थीं।
हरिद्वार में दर्जनों अवैध निर्माणों पर गिरी प्रशासन की गाज
हरिद्वार जिले में पिछले कुछ वर्षों में सरकारी भूमि पर अवैध मजारों के निर्माण के कई मामले सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत किया गया था ताकि सरकारी भूमि पर कब्जा किया जा सके।
जिला अधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि ध्वस्तीकरण के दौरान संरचना के नीचे कोई अवशेष नहीं मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह मजार केवल जमीन कब्जाने के उद्देश्य से बनाई गई थी।
धामी सरकार अब तक गिरा चुकी है 550 अवैध मजारें
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अब तक 550 से अधिक अवैध मजारों को ध्वस्त किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि धार्मिक आस्था के नाम पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी जिलों में अवैध धार्मिक संरचनाओं की पहचान और हटाने की प्रक्रिया जारी है, ताकि सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराया जा सके।
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