कर्नाटक, खबर संसार। हाई कोर्ट के रोक के बावजूद भी आज जब स्कूल खुले तो उडुपी सहित कई जगहों पर छात्राएं हिजाब और बुर्का में पहुंची। इसे लेकर कई जगह विवाद की स्थिति बन गई। बताते चले कि कर्नाटक हिजाब विवाद (Karnataka row) पर आज हाई कोर्ट में फिर सुनवाई होगी।
पिछली सुनवाई पर आदेश के बाद सोमवार को राज्य में स्कूल-कॉलेज खुल गए। कोर्ट ने आदेश दिया था कि अगले आदेश तक स्कूल-कॉलेज में धार्मिक पोशाकों पर रोक रहेगी। बावजूद इसके कई स्कूलों में छात्राएं हिजाब में पहुंची। इसे लेकर कई जगह विवाद की स्थिति बन गई।
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उडुपी के भी कई स्कूल छात्राएं हिजाब और बुर्का पहनकर स्कूल जाती दिखीं। उडुपी जिला प्रशासन ने सभी हाई स्कूल, और उनके आसपास के क्षेत्रों में धारा-144 लागू कर दी थी। यह आदेश 14 फरवरी को सुबह छह बजे से 19 फरवरी की शाम छह बजे तक प्रभावी रहेगा। सरकार और जिला प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री ने राज्य में शांति व्यवस्था कायम रहने की उम्मीद जताई है।
कर्नाटक में हिजाब विवाद नया नहीं
कर्नाटक में हिजाब पहनने को लेकर विवाद नया नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2009 में बंटवाल के एसवीएस कॉलेज में ऐसा मामला सामने आया था। उसके बाद 2016 में बेल्लारे के डॉ. शिवराम करांत सरकारी कॉलेज में भी हिजाब को लेकर विवाद हुआ था। 2018 में भी सेंट एग्नेस कॉलेज में बवाल हुआ था। उडुपी जैसा विवाद बेल्लारे में भी हुआ था। उस समय कई छात्रों ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर भगवा गमछा पहनकर प्रदर्शन किया था।
पांच फरवरी को यूनिफॉर्म का आदेश जारी हुआ
पांच फरवरी को राज्य सरकार ने कर्नाटक शिक्षा अधिनियम 1983 की धारा 133(2) लागू कर दी। इसके अनुसार सभी छात्र-छात्राओं के लिए कॉलेज में तय यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य कर दिया गया। यह आदेश सरकारी और निजी, दोनों कॉलेजों पर लागू किया गया। कई राजनीतिक दलों ने राज्य सरकार के इस फैसले की आलोचना भी की।



