खबर संसार हल्द्वानी.एसडीएम हल्द्वानी द्वारा दमुवाढूंगा एवं देवखड़ी नाला क्षेत्र में राजस्व एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि के चिन्हीकरण हेतु एक समिति का गठन किया गया है। समिति में तहसीलदार हल्द्वानी की अध्यक्षता में नगर निगम हल्द्वानी, राजस्व विभाग, एवं अन्य संबद्ध विभागों के अधिकारी सम्मिलित हैं।
सार्वजनिक उपयोग की भूमि के चिन्हीकरण हेतु एक समिति का गठन
उपरोक्त समिति द्वारा चिन्हित किए भूखंडों के सत्यापन हेतु एसडीएम हल्द्वानी एवं नगर आयुक्त हल्द्वानीऋचा सिंह द्वारा ने संयुक्त रूप से मौके पर भ्रमण कर सार्वजनिक उपयोग हेतु उपलब्ध भूमि की भौतिक स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर व्यक्तियों द्वारा सरकारी एवं नाले की भूमि को अवैध रूप से घेरा जा रहा है तथा बैरिकेडिंग की जा रही है।
कई स्थानों पर व्यक्तियों द्वारा सरकारी एवं नाले की भूमि
एसडीएम द्वारा निर्देशित किया गया कि समिति ऐसे सभी स्थलों की तत्काल जाँच करे एवं जहां हाल ही में कब्जा या निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ हो, वहां अधिभोग संबंधी अभिलेख प्रस्तुत करने हेतु कारण बताओ नोटिस निर्गत किया जाए। निरीक्षण के दौरान कुछ परित्यक्त भूमि पर अवैध प्लॉटिंग एवं तारबंदी की जा रही थी, जिसे मौके पर ही ध्वस्त कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान कुछ परित्यक्त भूमि पर अवैध प्लॉटिंग
लगभग 4 बीघा भूमि में की गई अवैध प्लॉटिंग एवं फेंसिंग वायर को मौके पर जेसीबी से हटा दिया गया , तथा संबंधित क्षेत्र को चिन्हित कर अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।एसडीएम हल्द्वानी राहुल शाह ने स्थानीय लोगों अवगत कराया कि प्रशासन द्वारा यह सर्वे केवल खाली रिक्त भूमि एवं शासकीय सार्वजनिक उपयोगिता की भूमि की पहचान के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार का नया अतिक्रमण या अवैध निर्माण रोका जा सके। इस संबंध में भूमि अभिलेखों प्रक्रिया हेतु प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जा चुका है।
साथ ही एसडीएम ने सर्वे टीम निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बेनाप भूमि अवैध रूप से प्लॉटिंग या बिक्री हेतु प्रयोग न हो। ऐसे प्रकरणों की पहचान कर विधिक कार्रवाई की जाए।एसडीएम हल्द्वानी द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि राजस्व एवं सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण लगातार चिन्हित किया जा रहा है।उपरोक्त निरीक्षण में तहसीलदार हल्द्वानी मनीषा बिष्ट , नगर निगम एवं राजस्व विभाग की टीम उपस्थित रही ।


