खबर संसार, नई दिल्ली: भारत ने की पंजाब सीमा पर S-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की तैनाती, भारत ने अपनी रक्षा ताकत बढ़ाते हुए पंजाब सेक्टर में S-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का पहला स्क्वाड्रन तैनात कर दिया है। तैनात किये गये इस पहले एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली ने चीन और पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। पाकिस्तान व चीन दोनों की ओर से बढ़ रही गतिविधियों को देखते हुए भारत हवाई खतरों से निपटने में सक्षम हो गया। और हमारा भारत शक्तिशाली बनने की ओर अग्रसर हो चुका है।
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आखिर क्यों खास है S-400
- यह रूस का सबसे एडवांस लॉन्ग रेंज सर्फेस-टु-एयर डिफेंस सिस्टम है।
- मिसाइल क्रूज, एयरक्राफ्ट और बलिस्टिक मिसाइलों पलक झपकते ही कर सकता है ध्वस्त
- यह एक ही राउंड में 36 अटैक कर सकता है।
- यह सिस्टम रूस के ही S-300 का अपग्रेडेड वर्जन है।
- दुश्मन विमानों और मिसाइलों का हवा में ही खात्मा कर सकता है।
- एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम दुश्मन के एयरक्राफ्ट को आसमान से गिरा सकता है।
- रूस का सबसे एडवांस लॉन्ग रेंज सर्फेस टु-एयर -टु-एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम है।
- क्रूज, एयरक्राफ्ट और बलिस्टिक मिसाइलों पलक झपकते ही ध्वस्त कर सकता है।
- यह एक ही राउंड में 36 अटैक कर सकता है।
- इसके रडार 100 से 300 टारगेट ट्रैक कर सकते हैं।
- S-400 में 12 लॉन्चर लगे हैं। ये तीन मिसाइलें एक साथ दाग सकते हैं। इसे तैनात करने में पांच मिनट लसे ज्यादा का वक्त नहीं लगता।
S-400 वायु रक्षा प्रणाली को भारत द्वारा लगभग 35,000 करोड़ रुपये के सौदे में अनुबंधित किया गया था और 400 किलोमीटर तक के हवाई खतरों से निपटने के लिए भारत को पांच स्क्वाड्रन प्रदान किए जाएंगे। एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली चार अलग-अलग मिसाइलों से लैस हैं, जो दुश्मन के विमानों, बैलिस्टिक मिसाइलों और AWACS विमानों को 400 किलोमीटर, 250 किलोमीटर, मध्यम दूरी की 120 किलोमीटर और कम दूरी की 40 किलोमीटर पर मार सकती है।



