सर्दियों का मौसम जितना सुहावना लगता है, ड्राइवरों के लिए सड़कों पर उतरना उतना ही चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सुबह और रात के समय घना कोहरा विजिबिलिटी को लगभग शून्य कर देता है, वहीं गिरता तापमान कार की सेहत पर बुरा असर डालता है। ठंड की वजह से टायर प्रेशर कम होना और बैटरी का जवाब दे जाना आम समस्याएं हैं। ऐसे हालात में, अगर आपकी गाड़ी में कुछ जरूरी ‘कार सेफ्टी टूल्स’ मौजूद हों, तो मुश्किल सफर भी काफी हद तक सुरक्षित और आरामदायक बन सकता है।
विजिबिलिटी के लिए एंटी-फॉग और डी-आइसर
ठंड में विंडशील्ड के अंदर धुंध जमना ड्राइवरों के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी है। इससे सामने का रास्ता साफ नहीं दिखता। एंटी-फॉग स्प्रे को कांच पर लगाने से धुंध जमने से बचाव होता है और विजिबिलिटी बनी रहती है। वहीं, सुबह के समय बाहरी कांच पर जमी सख्त बर्फ या ओस को हटाने के लिए विंडशील्ड डी-आइसर स्प्रे एक वरदान की तरह है। यह कांच को नुकसान पहुंचाए बिना बर्फ को तुरंत पिघला देता है।
टायर और बैटरी का रखें खास खयाल
तापमान गिरने पर टायर के अंदर की हवा सिकुड़ जाती है, जिससे प्रेशर कम हो जाता है। ऐसे में कार में पोर्टेबल टायर इन्फ्लेटर का होना बहुत जरूरी है, ताकि आप जरूरत पड़ने पर कहीं भी हवा भर सकें। दूसरी बड़ी समस्या बैटरी की है, जो ठंड में जल्दी डिस्चार्ज हो जाती है। जंप केबल्स (Jump Cables) कार में रखना अनिवार्य है। इनकी मदद से आप दूसरी गाड़ी की बैटरी से अपनी कार स्टार्ट कर सकते हैं और बीच सड़क पर फंसने से बच सकते हैं।
फिसलन और आपात स्थिति से बचाव
कोहरे और नमी के कारण सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं। ऐसे में स्नो चेन्स टायरों की पकड़ मजबूत करती हैं। यदि रास्ते में कार खराब हो जाए, तो रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनना जरूरी है ताकि दूसरे वाहन चालक आपको दूर से देख सकें। इसके अलावा, एक बेसिक टूल किट और डक्ट टेप छोटे-मोटे रिपेयर में काफी मददगार साबित होते हैं। ये थोड़ी सी तैयारी ठंड में सुरक्षित ड्राइविंग का भरोसा देती है।
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