रेलवे फाटकों पर लापरवाही लगातार लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। कई बार देखा जाता है कि फाटक बंद होने के बावजूद कुछ लोग जल्दी पहुंचने की जल्दबाजी में उसके नीचे से निकलने या उसे पार करने की कोशिश करते हैं। रेलवे और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए ऐसी खतरनाक हरकतों से बचें और ट्रेन गुजरने तक धैर्यपूर्वक इंतजार करें।
विशेषज्ञों के अनुसार रेलवे फाटक बंद होने का मतलब है कि कुछ ही क्षणों में ट्रेन उस मार्ग से गुजरने वाली है। ऐसे में फाटक के नीचे से निकलना या वाहन को जबरन आगे बढ़ाना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। ट्रेन की गति तेज होने के कारण चालक के लिए अचानक ट्रैक पर आए व्यक्ति या वाहन को देखकर ट्रेन रोक पाना लगभग असंभव होता है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों में फाटक पार करने की जल्दबाजी के कारण कई हादसे होते हैं। इनमें लोगों की जान जाने के साथ-साथ उनके परिवारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है। थोड़ी सी सावधानी और कुछ मिनट का इंतजार ऐसे हादसों को रोक सकता है।
प्रशासन ने वाहन चालकों और पैदल यात्रियों से अनुरोध किया है कि फाटक बंद होने पर निर्धारित दूरी पर रुकें और ट्रेन के पूरी तरह गुजर जाने के बाद ही आगे बढ़ें। साथ ही बच्चों और युवाओं को भी रेलवे सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है ताकि वे जोखिम भरे कदम उठाने से बचें।
रेलवे का कहना है कि सुरक्षा नियम यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। इसलिए सभी लोगों को इनका पालन करना चाहिए। याद रखें, कुछ मिनट की जल्दबाजी जिंदगीभर का पछतावा बन सकती है। सुरक्षित रहें, रेल को पहले जाने दें और बंद फाटक के नीचे से निकलने की कोशिश बिल्कुल न करें।
जाने क्या कहता है भारतीय रेलवे एक्ट
भारतीय रेलवे एक्ट 1989 की धारा 160 (1) एवं 160 (2) का उल्लंघन दण्डनीय अपराध है, जिसके तहत 03 से 05 वर्ष की जेल/अथवा जुर्माना हो सकता है।’’ सदैव याद रखें आपके जीवन की सुरक्षा आपके हाथों में है, आपकी सुरक्षित घर वापसी के लिए आपके परिजन प्रतीक्षा में हैं।
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस

