भारत का पड़ोसी देश नेपाल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपनी अलग सांस्कृतिक परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। भले ही नेपाल की करीब 90 प्रतिशत आबादी हिंदू धर्म को मानती हो, लेकिन यहां की साप्ताहिक छुट्टी भारत और दुनिया के अधिकांश देशों से बिल्कुल अलग है। जहां भारत सहित ज्यादातर देशों में रविवार को अवकाश होता है, वहीं नेपाल में यह दिन पूरी तरह वर्किंग डे माना जाता है।
नेपाल में शनिवार को होती है साप्ताहिक छुट्टी
नेपाल में सरकारी दफ्तर, बैंक, स्कूल, कॉलेज और अधिकांश निजी संस्थान शनिवार को बंद रहते हैं। यही वजह है कि शनिवार के दिन बाजारों और सड़कों पर अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिलती है। नेपाल में कार्य सप्ताह रविवार से शुरू होकर शुक्रवार तक चलता है। यानी रविवार यहां सप्ताह का पहला कार्यदिवस होता है।
राणा शासन से जुड़ी है यह परंपरा
नेपाल में शनिवार को छुट्टी की शुरुआत राणा शासन काल में हुई थी। इतिहासकारों के अनुसार जुद्ध शमशेर राणा के शासनकाल में इस व्यवस्था को औपचारिक रूप से लागू किया गया। चूंकि नेपाल कभी ब्रिटिश शासन के अधीन नहीं रहा, इसलिए यहां ईसाई परंपराओं का प्रभाव भी सीमित रहा।
क्यों नहीं अपनाया गया रविवार का अवकाश
यूरोप, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में रविवार की छुट्टी ईसाई धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी मानी जाती है। लेकिन नेपाल पर ईसाई शासन या प्रभाव नहीं रहा, इसलिए उसने रविवार को अवकाश के रूप में स्वीकार नहीं किया।
धार्मिक मान्यताओं से भी जुड़ा है शनिवार
नेपाली संस्कृति में शनिवार को नए काम की शुरुआत शुभ नहीं मानी जाती। इस दिन को पूजा-पाठ, विश्राम और धार्मिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जाता है। समय के साथ यह परंपरा इतनी मजबूत हो गई कि आज भी पूरे देश में लागू है।
नेपाल दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो कभी गुलाम नहीं रहे। काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर देश की धार्मिक पहचान का बड़ा प्रतीक है, जो नेपाल की सांस्कृतिक स्वतंत्रता को भी दर्शाता है।
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