राजस्थान में आरक्षण के लिए आंदोलन जोर पकड़ रहा है। सैनी माली कुशवाहा मौर्य शाक्य समाज का आरक्षण की मांग को लेकर 3 दिनों से आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर दिया है, जिसकी वजह से पुलिस को रूट डायवर्ट तक करना पड़ा है।
इसके अलावा भरतपुर में कई जगहों पर इंटरनेट सेवा भी बंद है। देश में आरक्षण एक ऐसा मुद्दा है जिसे लेकर जब कभी आंदोलन होता है तो सभी का ध्यान इसपर जाता है। हम आपको बताते हैं कि आखिर इस आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा है? क्या मांगें हैं उनकी और अभी आंदोलन को लेकर वहां क्या हालात हैं।
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इंटरनेट सेवा कल तक बंद
सबसे पहले बता दें कि भरतपुर में नेशनल हाईवे 21 पर चक्का जाम और आंदोलन को देखते हुए संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा ने जिले की चार तहसील नदबई, वैर, भुसावर और उच्चैन मैं इंटरनेट सेवा को बंद कर रखा है। पहले इंटरनेट सेवा सुबह 13 जून की सुबह 11:00 बजे से 14 जून तक बंद की गई थी। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15 जून की सुबह 11:00 बजे तक कर दिया गया है। इंटरनेट सेवा बंद करने का उद्देश्य है कि आंदोलन के वीडियो फोटो वायरल नहीं किए जाएं जिससे आंदोलन अन्य जगहों तक नहीं पहुंच सके।
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कैबिनेट मंत्री ने कही यह बात…
विश्वेंद्र सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आंदोलन से आमजन परेशान हो रहा है। 45 डिग्री तापमान के बीच बुजुर्ग और महिलाएं बैठी हुई हैं यदि कोई अप्रिय घटना हुई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। हम आमंत्रण दे रहे हैं फिर भी वार्ता करने नहीं आ रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैं विनम्र अपील करता हूं कि आंदोलन कर रहे नेता वार्ता के लिए सामने आए जिससे उनकी मांग ऊपर पहुंचाई जा सके। मुझे तो फिलहाल ऐसा लगता है कि इस आंदोलन का कोई नेता भी नहीं है। आम जनता को ज्यादा परेशान नहीं किया जाए। इसलिए हमारी अपील है की सभी समाजों के नेता वार्ता के लिए आगे आये जिससे कोई समाधान निकाला जा सके।
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