डेबिट कार्ड आज हर किसी की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही कार्ड एक छोटी सी लापरवाही में आपका पूरा बैंक अकाउंट खाली कर सकता है? भारत में डेबिट कार्ड फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और ठग नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
पेट्रोल पंप पर कार्ड निकालना पड़ सकता है भारी
पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन कार्ड स्किमर के लिए सबसे पसंदीदा जगह माने जाते हैं। यहां असली कार्ड रीडर पर नकली डिवाइस लगाकर कार्ड डेटा और पिन चोरी कर लिया जाता है। पिन मिलते ही मिनटों में अकाउंट साफ!
रेस्टोरेंट में वेटर को कार्ड देना कितना सुरक्षित?
जब आप कार्ड वेटर को देते हैं और वह आपकी नजरों से दूर चला जाता है, तभी खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान कार्ड की फोटो ली जा सकती है या पोर्टेबल स्किमर से डेटा कॉपी हो सकता है।
होटल और कार रेंटल में छिपा खतरा
कई होटल और कार रेंटल कंपनियां डेबिट कार्ड पर प्री-ऑथराइजेशन होल्ड लगाती हैं। पैसा कटता नहीं लेकिन बैंक उतनी रकम ब्लॉक कर देता है, जिससे आगे कार्ड रिजेक्ट होने लगता है।
लोकल और अंधेरे ATM से रहें दूर
सड़क किनारे या कम रोशनी वाले ATM में सिक्योरिटी कमजोर होती है। यहां स्किमर लगाना आसान होता है। हमेशा बैंक ब्रांच के अंदर लगे ATM का ही इस्तेमाल करें। नई या अनजान वेबसाइट पर डेबिट कार्ड डालना सीधे बैंक अकाउंट खोलने जैसा है। अगर साइट हैक हुई तो पैसा तुरंत निकल सकता है।
कहां और क्यों खतरे में होता है आपका पैसा?
डेबिट कार्ड सीधे आपके बैंक अकाउंट से जुड़ा होता है, इसलिए इसमें फ्रॉड होने पर नुकसान भी सीधा होता है। पेट्रोल पंप, लोकल ATM, रेस्टोरेंट, होटल और अनसिक्योर वेबसाइटें सबसे ज्यादा जोखिम वाली जगहें मानी जाती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड की तुलना में डेबिट कार्ड में फ्रॉड प्रोटेक्शन कम होता है। इसलिए डिजिटल पेमेंट करते समय सतर्कता बेहद जरूरी है। कैश, वॉलेट या क्रेडिट कार्ड इन हालात में ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकते हैं।
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