खबर संसार, लखनऊ: ‘मन की बात’ प्रधानमंत्री ने 83rd संस्करण में देश को किया संबोधित, आज रविवार 28 नंवबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह 11 बजे देश को संबोधित किया। उन्होंनेें मासिक रेडियो कार्यक्रम के 83rd संस्करण के तहत देश को संबोधित किया। बता दें कि यह इस साल मन की बात का दूसरा आखिरी संस्करण था। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरे लिए प्रधानमंत्री का पद सत्ता के लिए नहीं है, सेवा के लिए है। इस दौरान मोदी ने कहा, हमारे वैक्सीन कार्यक्रम की सफलता भारत की क्षमता को प्रदर्शित करती है और हमारे सामूहिक प्रयास की शक्ति को प्रकट करती है।
दिसंबर का महीना बेहद खास
प्रधानमंत्री ने कहा कि दो दिन बाद दिसंबर का महीना शुरू होने जा रहा है। देश नौसेना दिवस और सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाने वाला है। जैसा कि हम सभी लोगों को पता है कि 16 दिसंबर को देश 1971 के युद्ध का स्वर्ण जयंती वर्ष भी मना रहा है। इन सभी मौकों पर देश के सुरक्षा बलों को याद करता हूं, हमारे वीरों को याद करता हूं। साथ ही प्रधामंत्री ने काह कि 6 दिसम्बर को बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि है। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन देश और समाज के लिये अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिये समर्पित किया था।
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‘मन की बात’ में 83rd संस्करण में वृंदावन का जिक्र
पीएम मोदी ने 83rd संस्करण में वृन्दावन का जिक्र करते हुए कहा, ‘वृन्दावन के बारे में कहा जाता है कि ये भगवान के प्रेम का प्रत्यक्ष स्वरूप है। हमारे संतों ने भी कहा है कि “यह आसा धरि चित्त में, यह आसा धरि चित्त में, कहत जथा मति मोर. वृंदावन सुख रंग कौ, वृंदावन सुख रंग कौ, काहु न पायौ और”। वृंदावन धाम की महिमा के लिए आकर्षित करना है।” पीएम ने कहा कि वास्तव में हमें कृष्ण भक्ति की शक्ति दिखाता है”।
‘स्वतंत्रता संग्राम में झांसी व बुंदेलखंड का भारी योगदान’
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने कहा कि, ‘हमारे स्वतंत्रता संग्राम में झांसी और बुंदेलखंड का भारी योगदान रहा है। यहां रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाएं भी हुईं और मेजर ध्यानचंद जैसे खेल रत्न भी इस क्षेत्र ने देश को दिए हैं।’ उन्होंने प्रकृति के प्रति चिंता जाहिर करते हुए कहा, ‘प्रकृति हमारे लिए खतरा तभी पैदा करती है जब हम उसके संतुलन को बिगाड़ते हैं या उसकी पवित्रता को नष्ट करते हैं। प्रकृति मां की तरह हमारा पालन भी करती है और हमारी दुनिया में नए-नए रंग भी भरती है।’


