खबर संसार कूनो। तो अब भारत में भी दौड़ेगा चीता ! जी अगर सब पूरी योजना अनुसार हुआ तो भारत की धरती पर चीता दौड़ेगा भी और इनकी आबादी भी बढ़ेगी। नाबिबिया से 9 हजार किलोमीटर की दूरी से उन्हें हवाई जहाज द्वारा लाया गया है। 18 घंटे इसलिए इनको भूखा रहना पड़ा। और ये मध्यप्रदेश के कूनो अभ्यारण पार्क में कुलाचे मारते देखे जा सकेंगे। लेकिन पर्यटकों को ये सब देखने के लिए लंबा समय का इंतजार करना पड़ेगा। ये 8 चीते भारत में अपने बिल्ली प्रजाति की आबादी की सीमित संख्या से फिलहाल दहाई करने की कोशिश होंगी। कहने का आशय हैं कि इकाई से दहाई और दहाई से सैकड़ा होंगी।
तो अब भारत में भी दौड़ेगा चीता !
फिलहाल मध्यप्रदेश के कुनो पार्क अभयारण में दो चीतो को खुला पार्क में छोड़ा गया गई। तीसरा भी आज कुछ समय बाद छोड़ा जाएगा। बाकी 5 के लिए कुछ बताया नही गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज अपने जन्मदिवस पर इनके पिंजरे का हैंडल घुमाकर उनके बाड़े का दरवाजा ओपन किया। फिलहाल पर्यटकों के लिए परमिशन नही दी गई है। कुछ महीने या साल का समय भी लग सकता है। क्योंकि जब कोई जानवर एक देश से दूसरे देश में लाया जाता है तो उसकी एक इंटरनेशनल गाइडलाइन जारी होती है जिसका पालन करना जरूरी होता है। ऐसा उस जानवर के हित के लिए किया जाता है। क्योंकि उसके लिए हवा,पानी आसपास का वातावरण में परिवर्तन होता है। इन 8 चीतों को 18 घंटे भूखा रहना पड़ा। क्योंकि बीच में खाना देना संभव नहीं हो पाता है। फिलहाल2 को छोड़ा गया है।
भारत में सन् 1950 से चीतों का अस्तित्व समाप्त की घोषणा का समय रहा है।
इससे पूर्व पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को बधाई दी। साथ ही कहा थोड़ा सब्र रखे आप लोगो को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा ।पीएम मोदी ने नामीबिया से आए चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ दिया है. इसके बाद पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि, आज भारत की धरती पर चीता लौट आए हैं. इन चीतों के साथ भारत की प्रकृतिप्रेमी चेतना भी पूरी शक्ति से जागृत हो उठी है. सभी देशवासियों को मैं बहुत बधाई देता हूं. उन्होंने आगे कहा, ‘मैं हमारे मित्र देश नामीबिया और वहां की सरकार का भी धन्यवाद करता हूं जिनके सहयोग से दशकों बाद चीते भारत की धरती पर वापस आए।



