खबर संसार, देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस की कमान Harish Rawat के हाथ, हाईकमान ने किया बैलेंस, कांग्रेस हाईकमान ने सियासी राजनीतिक तराजू को इस तरह बैलेंस किया, जी हां हरीश रावत भी मान गए और प्रदेश के प्रभारी भी। बैठक से बाहर निकलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat ने कहा कि उत्तराखंड चुनाव को मैं ही लीड करूंगा। इससे पूर्व बताते चलें कि दो दिन पूर्व ही सीएम हरीश रावत के ट्वीट के बाद उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आ गया था, एक बार तो ऐसा लगा कि कांग्रेस कहीं टूट न जाए।
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प्रियंका गांधी बनीं संकट मोचन
यहां बताते चलें कि पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat विधानसभा चुनाव में सीएम का चेहरा बनना चाहते हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व इससे बचना चाहता है। जिसके लेकर पिछले कई दिनों से कांग्रेस में पिछले कई दिनों से आपसी गुटबाजी चरम पर थी। उत्तराखंड कांग्रेस के बिगड़ते हालात को देखते हुए आनन-फानन में आला कमान ने कांग्रसे के दिग्गज नेताओं को दिल्ली बुलाया और मामले का सुलझा लिया। यहां बता दें कि नारायण दत्त तिवारी और इंदिरा हृदयेश के निधन के बाद उत्तराखंड कांग्रेस के पास हरीश रावत के अलावा कोई चेहरा नहीं है।
जिसमें मुख्य भूमिका निभाई है कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने। उत्तराखंड कांग्रेस के हालात बिगड़ते देख कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कमान संभाली और हरीश रावत से बात की और उन्हें मना लिया। इस तरह प्रियंका गांधी एक बार फिर से कांग्रेस के लिए संकट मोचन बनीं।
हरीश रावत के बदले सुर
Harish Rawat ने कहा कि मैं जो भी कदम उठाता हूं उससे भाजपा को ही नुकसान होता है। भाजपा इस मुगालते में थी कि प्रदेश प्रभारी को बदला जा सकता है। लेकिन, विस चुनाव के एन वक्त पर कांग्रेस इस तरह का खतरा मोल नहीं लेना चाहती थी। यही कारण है कि प्रभारी को बदला नहीं गया। हरीश रावत विधानसभा चुनाव में चुनाव संचालन समिति कमान समाले हुए हैं, लेकिन कार्यकारी अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी उनको बगैर बताए ही बैठके कर रहे थे।
