मुबई, खबर संसार : जी, हां वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) लिमिटेड कंपनी बंद होने की कगार पर आ गई है। जानकारों के मुताबिक अगर ऐसा होता है तो इसका सबसे बड़ा असर वोडाफोन आइडिया के 2जी सब्सक्राइबर्स पर पड़ेगा।
बताते चले कि एक कंपनी के रूप में वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के फेल होने का असर बैंक के साथ सरकार पर भी पड़ेगा। अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशन के फेल होने के बाद सरकार को उससे कोई रकम नहीं मिल पाई थी। एयरसेल के दिवालिया होने के बाद भी सरकार और बैंक को कुछ नहीं मिला था।
vodafone idea की यह हालत कैसे हुई?
अगर सरकार वोडाफोन (Vodafone Idea) के लिए कोई राहत पैकेज जारी नहीं करती तो साल 2017 के बाद से अब तक सर्वाइव करने वाली कंपनी बंद हो जाएगी। मुकेश अंबानी के जियो की एंट्री के बाद से कंपनी के ग्राहक, कारोबार और मुनाफे पर असर पड़ने लगा।
वोडाफोन-आइडिया के ग्राहकों की संख्या 14-15 करोड़ है और इनमें से अधिकांश दिहाड़ी मजदूर हैं। अगर वोडाफोन आइडिया अपना कामकाज समेटती है तो उन्हें दूसरी कंपनियों में स्विच करने के लिए ज्यादा पैसा देना होगा। रिलायंस जियो में जाने के लिए उन्हें नया 4जी फोन खरीदना होगा क्योंकि कंपनी के पास 2जी नेटवर्क नहीं है। अगर VI दिवालिया होती है तो उसके 27 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स को परेशानी होगी।
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voda-idea बंद हुई तब?
अगर वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) बंद हुई तो एयरटेल टैरिफ बढ़ा सकती है ताकि वही लोग उसके नेटवर्क में आएं जो उसकी सर्विस के लिए भुगतान कर सकें। 2जी ग्राहकों में अधिकांश दिहाड़ी मजदूर हैं जो लो क्वालिटी का फोन इस्तेमाल करते हैं। इससे नेटवर्क की क्वालिटी प्रभावित होती है। एयरटेल ऐसे लोगों से परहेज करना चाहेगी। अगर वोडाफोन आइडिया अपना कामकाज समेटती है तो उनके ग्राहकों को दूसरी कंपनियों में स्विच करने के लिए ज्यादा पैसा देना होगा।


