वाराणसी से दिल्ली के बीच चलने वाली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में नॉनवेज भोजन परोसने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। काशी के जैन समाज ने ट्रेन में चिकन और अन्य मांसाहारी भोजन दिए जाने पर नाराजगी जताई है। दिगंबर जैन महासमिति के वाराणसी संभाग ने केंद्र सरकार और रेल मंत्री से इस व्यवस्था को तत्काल बंद करने की मांग की है।
काशी की धार्मिक पहचान का दिया हवाला
दिगंबर जैन महासमिति के पदाधिकारियों का कहना है कि काशी जैन धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। यह चार जैन तीर्थंकरों की जन्मस्थली है। इसके साथ ही 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की भी जन्मस्थली है। पदाधिकारियों का मानना है कि ऐसी धार्मिक पहचान वाले शहर से देश की राजधानी दिल्ली के लिए चलने वाली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में मांसाहारी भोजन परोसना उचित नहीं है।
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ट्रेन शुरू होने का स्वागत, भोजन व्यवस्था पर आपत्ति
जैन समाज ने काशी से स्लीपर वंदे भारत ट्रेन शुरू किए जाने का स्वागत किया है। हालांकि, ट्रेन में चिकन और अन्य मांसाहारी भोजन परोसने की व्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताई है।
समिति के सदस्यों का कहना है कि काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए ट्रेन की भोजन व्यवस्था में बदलाव किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए इस व्यवस्था पर विचार किया जाना जरूरी है।
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केंद्र सरकार और रेल मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
इस मामले में दिगंबर जैन महासमिति ने केंद्र सरकार और रेल मंत्री से हस्तक्षेप करने की अपील की है। समिति ने ट्रेन में नॉनवेज भोजन परोसने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि काशी की विशेष धार्मिक पहचान और लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
इस दौरान दिगंबर जैन महासमिति के अध्यक्ष डॉ. केके जैन, महामंत्री राकेश जैन, उपाध्यक्ष प्रदीप चंद जैन, अनूप जैन, विनोद जैन और पदम जैन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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