GST 2.0 लागू होने के बाद सरकार ने 4 टैक्स स्लैब घटाकर सिर्फ 2 (5% और 18%) कर दिए। दावा किया गया कि इससे ज़रूरी सामान और दैनिक उपयोग की 99% वस्तुओं के दाम कम होंगे। लेकिन रिपोर्ट्स बता रही हैं कि खुदरा दुकानदार और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने अभी तक कीमतों में कटौती नहीं की। ऐसे में उपभोक्ताओं पर सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई टैक्स राहत का फायदा उनकी जेब तक पहुंच रहा है।
शिकायतों की बाढ़, सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
सरकार को उपभोक्ताओं से बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं कि दुकानदार टैक्स कटौती के बावजूद पुराने दाम वसूल रहे हैं। इसके बाद केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- टोल-फ्री नंबर: 1915
- व्हाट्सएप नंबर: 8800001915
- ऑनलाइन पोर्टल: INGRAM (एकीकृत शिकायत निपटान प्रणाली)
सरकार ने साफ किया है कि उपभोक्ता राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) पर कॉल या मैसेज कर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कंपनियों पर निगरानी, उपभोक्ता की जिम्मेदारी
सरकार का कहना है कि वह मूल्य निर्धारण पर लगातार नज़र रख रही है और कई कंपनियां दाम घटाने के लिए आगे आई हैं। फिर भी अगर कहीं कीमतें कम नहीं हुईं तो उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज करनी चाहिए। यह न सिर्फ उनका अधिकार है बल्कि उपभोक्ता के तौर पर जिम्मेदारी भी है।
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