खबर संसार। बसपा के पूर्व मंत्री ने कभी यह कल्पना भी नहीं की होगी की उनकी सम्पत्ति पर कोई हाथ भी डालेगा। क्योंकी कभी हाजी याकूब कुरैशी की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तूती बोलती थी।
भाजपा की योगी सरकार ने पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी पर कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को प्रशासन ने कुरैशी के मेरठ के हापुड़ रोड पर बने माई सिटी हॉस्पिटल को सील कर दिया। डिप्टी CMO जावेद हुसैन के साथ इस कार्रवाई में शामिल रहे डॉक्टर सुधीर कुमार ने बताया का कुरैशी का यह हॉस्पिटल बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहा था।
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बिना रजिस्टेशन के चल रहा था अस्पताल
मेरठ जिले के सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि 2019 से इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रिन्यूवल नहीं कराया गया था। इसको लेकर अस्पताल को कई बार नोटिस भी भेजा गया था। बार-बार नोटिस भेजने के बाजूद उसका कोई जवाब नहीं दिया गया। इसलिए कार्रवाई की गई।
बताया जा रहा है कि यह अस्पताल याकूब एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर चलाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि यह अस्पताल किसी दूसरे व्यक्ति को लीज पर चलाने के लिए दिया गया था। बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल को किसी दूसरे को लीज पर नहीं दिया जा सकता है।
मीट फैक्ट्री पर बुलडोजर चलाने की तैयारी
वहीं, कुरैशी के अस्पताल के बाद उनकी मीट फैक्ट्री अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई हो सकती है। मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) के उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी के अनुसार, मीट फैक्ट्री भू-उपयोग बदलने का आवेदन पहले ही शासन द्वारा निरस्त किया जा चुका है।
कुरैशी की यह फैक्ट्री 13 हेक्टेयर में बनी है, जिसमें 10 हेक्टेयर भूमि सरकारी है। इसके अलावा एक हेक्टेयर भूमि ग्रीन बेल्ट और 0.234 हेक्टेयर भूमि सड़क चौड़ीकरण की है। इसमें से सिर्फ 0.130 हेक्टेयर जमीन ही औद्योगिक प्रयोग के लिए है। इस के बाद मामले को कुरैशी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है। कहा जा रहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस में राय लेने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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