इजरायल और गाजा की लड़ाई अब लगता है और ज्यादा दिन चल सकती है क्योंकि आज लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (एनएनए) ने बताया कि इजरायल ने दक्षिणी लेबनानी सीमा पर फॉस्फोरस बम गिराए और नागरिकों को निशाना बनाया, जिसमें कई लोगों के हताहत हो गए है।
लेबनानी समाचार एजेंसी की जानकारी के मुताबिक इजरायली हवाई हमलों ने सीधे अल-दाहिरा शहर पर हमला किया, जिसमें कई नागरिकों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया।

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रामलीला मैदान में रैली करने का कितना आता है खर्च? जानकर चौंक जाएंगे!राष्ट्रीय समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली बलों ने लेबनान पर दर्जनों बम भी दागे है। इजरायली सेना ने एक बयान में कहा था कि वह “लेबनानी इलाके में आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह के सैन्य ठिकानों पर हमला कर रही है।”
हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच संघर्ष बढ़ने की आशंका
बता दें की 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से इजरायल-लेबनान सीमा पर सैन्य कार्रवाई में लेबनानी की ओर से कम से कम 10 लोग मारे गए हैं। मारे गए लोगों में समाचार एजेंसी रॉयटर्स का एक पत्रकार भी शामिल है। इस झड़प में इजरायली की ओर कम से कम दो लोग मारे गए।

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आज से बदल गए ये नियम, बैंक खाते से LPG तक आपकी जेब पर होगा असरअल-अरबिया के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हमास के सहयोगी हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच संघर्ष बढ़ने की आशंका है। हिजबुल्लाह को ईरानी सरकार का समर्थन हासिल है।
इन सीमा संघर्षों के बाद इजरायल ने देश के उत्तर में 28 ठिकानों से हजारों निवासियों को निकालना शुरू कर दिया है। इजरायली डिफेंस फोर्स ने बताया है कि आतंकवादियों ने उत्तरी सीमा पर विस्फोटक रखने और इजरायल में घुसपैठ करने की कोशिश की है। इसमें से 4 आतंकियों को मार गिराया गया।

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सफेद फॉस्फोरस एक मुलायम रवेदार केमिकल है। वैसे तो इसकी खरीदारी पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन इससे बने बम के इस्तेमाल को लेकर नियम बनाए गए हैं। ऑक्सीजन के सम्पर्क में आने पर फॉस्फोरस तेजी से जलने लगता है। इससे तेजी से चारों तरफ आग फैलती है। जिसमें से लहसुन की गंध आती है।
कितना खतरनाक है?
फॉस्फोरस का तापमान 800 डिग्री सेंटीग्रेड से ज्यादा होता है। धमाके के कारण इसके कण दूर तक फैल जाते हैं। इनके शरीर में पहुंचने या सम्पर्क में पर इंसान की जान भी जा सकती है। इसके धुएं से किसी भी इंसान का दम घुट सकता है। फॉस्फोरस से स्किन के इंटरनल टिश्यू बुरी तरह से डैमेज हो जाते हैं। इतना ही नहीं, यह अंदरूनी अंगों तक को भी नुकसान पहुंचाता है।
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