खबर संसार केदारनाथ। केदारनाथ की सेवा से बड़ा पुण्य कुछ भी नहीं पीएम मोदी बोले!उन्होंने कहा की
उन्हें विश्वास के साकार होने का संतोष है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में आई आपदा के बाद लोगों को लग रहा था कि क्या उनका केदार कभी फिर से खड़ा हो पाएगा।लेकिन केदारनाथ पूरी आन-बान-शान के साथ खड़ा होगा।
मोदी बोले केदारनाथ की सेवा से बड़ा पुण्य कुछ भी नहीं
इससे पूर्व पीएम मोदी नरेन्द्र मोदी के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने पर राज्यपाल ले.ज.(से.नि) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वागत किया
उन्होंने कहा की इसका इंसान क्रेडिट नहीं ले सकता है। यहां बर्फबारी के बीच भी मेरे सभी भाई-बहन वे ये ईश्वरीय कार्य मानकर, काम छोड़कर जाते नहीं थे, काम करते थे तभी ये काम हो पाया है। मैं अपने दफ्तर से ड्रोन के जरिए लगातार बारिकियों को देखता था। मैं यहां वर्चुअली आता था।
पीएम ने 400 करोड़ रुपये से अधिक की पुनर्निर्माण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर दिया है। अब वे देश को संबोधित कर रहे हैं।चारों धाम हाइवेज से जुड़ रहे हैं ।पीएम मोदी ने कहा उत्तराखंड में जिस तेज गति से इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है, पिछले 100 वर्ष में जितने यात्री यहां आए हैं, आने वाले 10 वर्ष में उससे भी ज्यादा यात्री यहां आने वाले हैं। चारधाम सड़क परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है, चारों धाम हाइवेज से जुड़ रहे हैं। भविष्य में यहां केदारनाथ जी तक श्रद्धालु केबल कार के जरिए आ सकें, इससे जुड़ी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यहां पास में ही पवित्र हेमकुंड साहिब जी भी हैं। हेमकुंड साहिब जी के दर्शन आसान हों, इसके लिए वहां भी रोप-वे बनाने की तैयारी है। अब पहाड़ का पानी और जवानी पहाड़ के काम आएगी आनेवाला दशक उत्तराखंड का होने वाला है। पहले कहावत थी कि पहाड़ का पानी और उसकी जवानी कभी पहाड़ के काम नहीं आती। मैंने इसे बदला है। अब पहाड़ का पानी और उसकी जवानी पहाड़ के काम आएगी। पलायन रुकने वाला है। हमारे साथ बाबा केदार का आशीर्वाद है। चार धाम यात्रा के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। हमने वन रैंक वन पेंशन की पिछली शताब्दी की मांग को इस शताब्दी में पूरा किया। मुझे खुशी है कि मुझे सैनिकों की सेवा करने का मौका मिला। इसका लाभ उत्तराखंड के हजारों परिवार को मिला है।
हम विकास के महायज्ञ से पूरी ताकत से जुड़े हैं । राष्ट्रीय एकता की ताकत को बढ़ाने वाला, एक भारत श्रेष्ठ भारत का भव्य दर्शन, सहज जीवन व्यवस्था का हिस्सा था। हम विकास के महायज्ञ से पूरी ताकत से जुड़े हैं इस समय हमारा देश आजादी का अमृत महोत्सव भी मना रहा है। देश अपने भविष्य के लिए, अपने पुनर्निर्माण के लिए नए संकल्प ले रहा है। अमृत महोत्सव के इन संकल्पों में से आदि शंकराचार्य जी को हम एक प्रकार से बहुत बड़ी प्रेरणा के रूप में देख सकते हैं।



