खबर संसार, नई दिल्ली: 10 मार्च के बाद 12-15 rupees तक बढ़ सकते हैं पेट्रोल व डीजल के दाम!, इन दिनों कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। वैश्विक बाजार में तेल की कीमते लगातार बढ़ रही हैं। भारत अपनी जरूरत 85 प्रतिशत कच्चा तेल अन्य देशों से आयात करता है। कच्चे तेल की कीमत की बात करें तो ये करीब 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने को है। जो बीते 9 साल के उच्चतम स्तर पर है। कच्चे तेल की कीमते बढने की वजह रूस-यूक्रेन का चल रहा युद्ध है। इसलिए 10 मार्च के बाद कभी भी 12-15 rupees तक बढ़ सकते हैं पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।
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12-15 rupees तक बढ़ सकते हैं दाम
यहां बताते चलें कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की वजह से भारतीय बाजार में चार महीनों से पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं। लेकिन विस चुनाव के बाद आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने की वजह से सरकार के स्वामित्व वाली खुदरा तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा रहा है। घरेलू तेल कंपनियों को सिर्फ लागत की भरपाई के लिए 10 मार्च के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतें 12-15 rupees प्रति लीटर तक बढ़ानी होंगी।
क्रूड आयल 9 साल के उच्च स्तर पर
वैश्विक बाजार में कच्चा तेल बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। यह इसका 9 साल का उच्च स्तर है। हालांकि, इसके बाद कीमतों में कुछ नरमी के साथ कच्चा तेल 111 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसके बावजूद तेल की लागत और खुदरा बिक्री के दरों के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है। बीते चार महीनों की बात करें तो में कच्चे तेल के दाम 35.89 रुपये बढ़ चुके हैं।
185 डॉलर तक पहुंच सकता है कच्चा तेल
मॉर्गन स्टैनली का कहना है कि अमेरिका और यूरोपीय देशों की पाबंदियों की वजह से रूस खुलकर तेल का निर्यात नहीं कर पा रहा है। अभी वह 66 फीसदी तेल का ही निर्यात कर रहा है। अगर रूस से तेल की आपूर्ति आगे भी बाधित रहती है तो वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 185 डॉलर तक पहुंच सकता है।



