खबर संसार, नई दिल्ली : tulasee ओमिक्रॉन वेरिएंट के लिए बेहद फायदेमंद, ऐसे करें सेवन, भारत में ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते मामलों को लेकर लगातार खतरा बना हुआ है। जिसकी वजह से लोगों ने एक बार फिर से घरेलू नुस्खे अपनाने शुरू क दिये हैं। ये ऐसा नुस्खा है जो आमिक्रोन संक्रमण को बचाने में मदद करता है। और सबसे बड़ी बात ये है कि इसमें कोई साइइ-इफेक्ट भी नहीं होता। इस नुस्खे का नाम है tulasee के पत्ते जिसमें भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल्स पाया जाता है।
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tulasee काफी फायदेमंद
सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार आदि में काफी फायदेमंद है। और इम्यूनिटी बढ़ाने में बेहद मददगार है। आयुर्वेद के अनुसार tulasee का इस्तेमाल चाय, काढ़ा वगैरह बनाने के लिए किया जाता है। वहीं आयुष मंत्रालय ने भी कोरोना से बचने के लिए तुलसी लेने की सलाह दी थी। तुलसी का काढ़ा गले में खराश, सर्दी, खांसी और बुखार का बेहतरीन घरेलू इलाज है।
ओमीक्रॉन के बाद डेल्टाक्राॅन की दस्तक
वहीं बता दें कि एक वैज्ञानिक ने कोराना के नए स्ट्रेन का पता लगाया है जिसमें कोरोना के डेल्टा और ओमीक्रॉन वेरिएंट का मिश्रित रूप बताया गया है। इसे डेल्टाक्रॉन का नाम दिया गया है। ओमीक्रॉन को अब तक सबसे तेजी से फैलने वाला वेरिएंट बताया गया है। वहीं डेल्टा ने बीते साल कई देशों में मौत का तांडव मचाया था। ऐसे में दोनों के मिलेजुले स्वरूप से खतरे का अनुमान लगाया जा रहा है. साइप्रस के शोधकर्ता ने इस सप्ताह अपने निष्कर्ष GISAID को भेजे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार साइप्रस में अब तक डेल्टाक्रॉन के 25 मामले मिले हैं. हालांकि किसी भी देश ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है।



