खबर संसार, हलद्वानी। क्या नही पढ़ना ये ज्यादा महत्पूर्ण है एक स्टूडेंट और UPSC और प्रतियोगी परीक्षाएं को तैयारी कर रहे स्टूडेंट के लिए। उक्त बात आज एमबीपीजी के लाल बहादुर शास्त्री सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत ने कही। उन्होंने कहा इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए की आप जो लिख रहे है ,उसको खुद भी समझ सके।
उन्होने इस बात पर अपना अनुभव साझा करते हुए कहा जब वो हंसराज कॉलेज में थे तो उनके दोस्त ने कहा यार तू अपनी राइटिंग ही नही समझ पाता तो।दूसरा कैसे समझेगा। बस उस दिन से मेने अपनी राइटिंग पर जोर देकर सुधरने की कोशिश करनी स्टार्ट करी।
हर बच्चा अपने आप में खास होता है: आईजी कुमाऊं निलेश आनंद भरणे
इधर, आईजी कुमाऊं निलेश आनंद भरणे ने कहा हर बच्चा अपने आप में खास होता है जरूरी नहीं की आप आईएएस पीसीएस ही बनो, आप अपने लक्ष्य को निर्धारित करे और जो आपका दिल करता है वो करे। हम जो भी तैयारी करते है उसे पूरी लगन से करना चाहिए कोई भी कार्य लापरवाही से नही करना चाहिए।
अगर ऐसा करते हैं तो आप अपने गोल को पा नही सकते। निलेश आनंद भरणे के अनुसार ओपन यूनिवर्सिटी का मैटेरियल बहुत अच्छा है। उसे जरूर पड़ना चाहिए बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो जॉब करते हैं उनके लिए इग्नू अच्छा ऑप्शन है।उन्होंने कहा मेंस में नंबर किस चीज पे मिलते हैं। इसमें हमे खास ध्यान रखना चाहिए समय का ध्यान रखना चाहिए।
जिसमे पुनरावृति, और एलिमेंट्स,सिंपल जवाब नही होना चाहिए।यानी अलग हो कम शब्दो,प्रेजेंटेशन अच्छा होना चाहिए ।खराब हैंड राइटिंग की प्रोब्लम खराब है बोलते हैं वो।अपकी प्रोग्रेस उसी दिन से शुरू होती है जिस दिन से आप ये मानोगे की मुझे भी आता।सबको कुछ न कुछ कमजोरी होती है। बहुत कम शब्दो में अपनी बात कह सकता हूं।
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मैं 7बार UPSC में फेल हुआ लेकिन मैं निराश नहीं हुआ
काम की बात कर सकते। टाइम मैनेजमेंट, सिविल सर्विस में आम तौर पर मैरिड बहुत हाई जाती है। लेकिन आपको हार नहीं माननी चाहिए और लगन के साथ मेहनत करनी चाहिए। निलेश आनंद भरणे बताते हैं की मैने 7बार यूपीएससी में फेल हुआ लेकिन मैं निराश नहीं हुआ निरंतर मेहनत की और अपने लक्ष्य को पा लिया।
वो बोलते है मेरे कई दोस्त हैं जो आज अच्छी अच्छी पोस्ट में है कोई फॉरेन में बिजनेस कर रहा है तो कोई सिविल सर्विसेज में अपनी सेवा दे रहा है मेरे पास उनके फोन आते हैं आप बहुत सही जगह पर हैं।ये सुनकर मुझे बहुत खुशी होती है।वह कहते है आईएएस पीसीएस बनना जितना मुस्किल है उससे ज्यादा मुश्किल है उस पद पर बैठकर कार्य करना।
परीक्षाएं को तैयारी कर रहे स्टूडेंट के लिए उक्त बात आज एमबीपीजी के लाल बहादुर शास्त्री सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत ने कही। उन्होंने कहा इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए की आप जो।लिख रहे है उसको खुद भी समझ सके। उन्होने इस बात पर अपना अनुभव साझा करते हुए कहा जब वो हंसराज कॉलेज में थे तो उनके दोस्त ने कहा यार तू अपनी राइटिंग ही नही समझ पाता तो।दूसरा कैसे समझेगा। बस उस दिन से मेने अपनी राइटिंग पर जोर देकर सुधरने की कोशिश करनी स्टार्ट करी।
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