नई दिल्ली। अरबपति एलन मस्क के नेतृत्व वाली उपग्रह इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी स्टारलिंक ने भारत में ग्राहकों को जोड़ने से पहले उनके सत्यापन के लिए आधार प्रमाणीकरण का उपयोग करने का निर्णय लिया है। कंपनी ने बुधवार को जारी बयान में यह जानकारी दी।
यूआईडीएआई और स्टारलिंक की साझेदारी
स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत, ग्राहकों के पहचान सत्यापन में आधार प्रमाणीकरण का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, सरल और पारदर्शी बनेगी।
यूआईडीएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी भुवनेश कुमार और स्टारलिंक इंडिया के निदेशक पर्नील उर्ध्वरेषे की मौजूदगी में इस साझेदारी पर सहमति जताई गई।
स्टारलिंक की भारत में योजना
कंपनी का लक्ष्य भारत में अपनी मौजूदा क्षमता के आधार पर लगभग 20 लाख ग्राहकों को जोड़ने का है। यह अनुमान आधिकारिक रिपोर्ट में सामने आया है। स्टारलिंक को भारत में उपग्रह आधारित संचार सेवाएं देने के लिए पहले ही लाइसेंस मिल चुका है।
कंपनी ने अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भारतीय बाजार में भारती एयरटेल और रिलायंस जियो के साथ करार किया है। इस कदम से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने में मदद मिलेगी।
प्रक्रिया होगी आसान और सुरक्षित
आधार प्रमाणीकरण के इस्तेमाल से न केवल ग्राहक सत्यापन तेज़ होगा, बल्कि धोखाधड़ी की संभावना भी काफी कम हो जाएगी। यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन के तहत सुरक्षित डिजिटल पहचान के लक्ष्य को भी मजबूती देता है।
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