अगर आप नौकरीपेशा हैं और घर खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। सरकार ने पीएफ निकासी नियम 2025 में बड़ा बदलाव करते हुए घर खरीदना आसान कर दिया है। अब EPFO सदस्य केवल तीन साल बाद अपने पीएफ फंड का 90% तक निकालकर घर की जरूरतें पूरी कर सकेंगे।
नए नियमों से क्या बदला?
EPF स्कीम 1952 के नए पैरा 68-बीडी के तहत, ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स अब पीएफ अकाउंट खुलने के तीन साल बाद घर के डाउन पेमेंट, निर्माण और ईएमआई के लिए पैसा निकाल सकते हैं। पहले यह सुविधा पांच साल बाद मिलती थी और निकासी की गणना भी सख्त नियमों से होती थी। साथ ही, पहले किसी हाउसिंग स्कीम में नामांकित सदस्य को यह सुविधा नहीं मिलती थी।
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सरकार का उद्देश्य नियमों में ढील देकर डाउन पेमेंट में आने वाली दिक्कतें दूर करना और डॉर्मेंट सेविंग्स को सक्रिय करना है। हालांकि, घर खरीदने के लिए यह निकासी केवल एक बार ही की जा सकेगी।
इमरजेंसी में UPI से निकासी
नई व्यवस्था के तहत जून 2025 से इमरजेंसी के वक्त EPFO सदस्य UPI या एटीएम के जरिए तत्काल 1 लाख रुपये तक निकाल सकेंगे। इससे कर्मचारियों की जरूरत के वक्त लिक्विडिटी बेहतर होगी।
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क्लेम सेटलमेंट भी आसान
अब ऑटो सेटलमेंट लिमिट 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। दावों की जांच के पैरामीटर्स भी 27 से घटाकर 18 कर दिए गए हैं। इससे 95% मामलों में 3-4 दिन में क्लेम सेटलमेंट संभव हो रहा है।
कर्मचारियों की सुविधा में बड़ा सुधार
सरकार के इन बदलावों से घर खरीदने के साथ-साथ इमरजेंसी में भी वेतनभोगी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। ईपीएफओ का दावा है कि अब पीएफ निकासी का प्रोसेस पहले के मुकाबले काफी तेज और आसान हो गया है।
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